पेड़ा बघेल और बब्बू काली पर हत्या का केस
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। सीताबर्डी थाना क्षेत्र में वर्चस्व और कथित रंगदारी को लेकर चल रही पुरानी रंजिश ने देर रात खूनी रूप ले लिया। सतपुड़ा लॉन के पास गली में आकाश नेवारे की चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी गई। हमले में उसके शरीर पर करीब 23 घाव मिले हैं। वारदात के बाद फरार हुए आरोपियों के मुंबई भागने की तैयारी में होने की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद सीताबर्डी पुलिस, क्राइम ब्रांच यूनिट-2 और अंबाझरी पुलिस की टीमों ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत उर्फ रंजू गोपाल महातो, सचिन उर्फ छोटा दुबंक राजेश शेलारे, अंकुश उर्फ मिट्टू अरुण मरसकोलहे, पीयूष बघेल और विशाल चचाने के रूप में हुई है। मृतक आकाश गोंडटोली, तेलंगखेड़ी-अंबाझरी का निवासी था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह कुछ साथियों के साथ धरमपेठ स्थित किंग किचन बार में शराब पीने गया था। वहां से शराब की बोतल लेकर निकलने के बाद साथियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि आकाश और आरोपियों के बीच पहले से ही वर्चस्व को लेकर तनातनी चल रही थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने आकाश को सतपुड़ा लॉन के पास गली में दोबारा शराब पीने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने के बाद विवाद फिर बढ़ गया। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू निकालकर आकाश पर हमला कर दिया। ताबड़तोड़ हमले में गंभीर रूप से घायल आकाश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वर्चस्व जमाना चाहते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, मृतक आकाश नेवारे के खिलाफ शहर के विभिन्न पुलिस थानों में चोरी, यातना, सेंधमारी और अपहरण सहित कई गंभीर मामले दर्ज थे। आपराधिक आचरण के कारण पुलिस ने उसे पहले ही तड़ीपार किया था। जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने रविनगर चौक पर एमएच 40 के नाम से पान की दुकान खोली थी। इसी वजह से पीयूष, विशाल और रणजीत ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह धंधा जारी रखना चाहता है तो उसे फिरौती देनी पड़ेगी। आकाश का इन तीनों से पुराना विवाद था। तीनों ने आकाश की कई बार पिटाई भी की थी।
आरोपी हिरासत में
पुलिस जांच में विशाल चचाने, पीयूष बघेल, रंजीत माहतो, अंकुश मरसकोलहे, सचिन शेलारे और एक नाबालिग के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के बाद मुंबई भागने की तैयारी में थे। इससे पहले ही सीताबर्डी पुलिस, क्राइम ब्रांच यूनिट-2 और अंबाझरी पुलिस की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई कर सभी को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि विशाल, पीयूष और सचिन करीब 10 दिन पहले ही हत्या के एक मामले में जेल से बाहर आए थे। क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की पुलिस निरीक्षक शुभांगी देशमुख के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।











