परमाणु ऊर्जा और हथियारों के लिए जरूरी, दोनों देशों के बीच 18 समझौतों पर हस्ताक्षर
लोकवाहिनी, संवाददाता
मेलबर्न। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने में द्विपक्षीय साझेदारी की अहम भूमिका को रेखांकित किया और उनकी इस मुलाकात के दौरान भारत एवं ऑस्ट्रेलिया ने असैन्य परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने संबंधी कई महत्वपूर्ण समझौतों को बृहस्पतिवार को अंतिम रूप दिया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलियन पीएम एंथनी अल्बनीज ने घोषणा की है कि दोनों देश एक-दूसरे के साझा आर्थिक हितों का ध्यान रखेंगे। मिलकर काम करेंगे। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम सप्लाई करने का वादा एक समझौते के माध्यम से किया है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता के बाद रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, समुद्री सुरक्षा सहयोग का रोडमैप, ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त बयान तथा साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए साझेदारी समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत की प्रेरणा.. ग्रो मोर, अचीव मोर : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में 30 हजार भारतवंशियों को भी संबोधित किया। मेलबर्न मीट मोदी नाम के इस आयोजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत आज विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। एक सपना पूरा होता है, तो नया सपना जन्म ले लेता है। यह वो भारत है, जो कहता है कि ग्रो मोर, अचीव मोर। 140 करोड़ भारतीयों का देश हैं। हम दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी हैं। हमारी प्रेरणा है ग्रो मोर, अचीव मोर। पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा बड़ा 5G मार्केट बन गया है। भारत मेड इन इंडिया 6G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत के दो दर्जन शहरों में मेट्रो नेटवर्क पहुंच चुका है।













