मोदी और रोड्रिगेज के बीच वार्ता में भारत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ व्यापक वार्ता की, जिसमें महत्वपूर्ण ऊर्जा, व्यापार, निवेश पर सहमति, खनिजों, फार्मास्यूटिकल, कृषि और ऑटोमोबाइल सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में दोनों देशों ने अपनी जरूरतों पर आधारित दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी स्थापित करने का संकल्प भी लिया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत की ओर से अप्रैल से वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद में तेजी आई है।
यही नहीं, वेनेजुएला भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर भी उभरा है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि बैठक में रोड्रिगेज का स्पष्ट संदेश था कि उनका देश भारतीय अर्थव्यवस्था के आकार और इस तथ्य के मद्देनजर भारत को “पसंदीदा ऊर्जा भागीदार” के रूप में देखता है कि वह आने वाले कई वर्षों तक ऊर्जा बाजार में एक स्थिर खरीदार बना रहेगा। टंडन ने बताया कि जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ऊर्जा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है और इसमें ‘अपस्ट्रीम’ (खोज और उत्पादन) और ‘डाउनस्ट्रीम’ (शोधन और वितरण) दोनों गतिविधियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा, वार्ता में मुख्य रूप से ऊर्जा साझेदारी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।












