ड्रग्स-विस्फोटक की तस्करी मामले में 80 से ज्यादा एफआईआर
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी राजपत्र अधिसूचना में यूएपीए की धारा 35 (1) (ए) का हवाला देते हुए शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है। इस अनुसूची में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची दर्ज है। गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के विजन के तहत की गई है। मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवाद की ओर धकेलने में शामिल रहा है। केंद्र का मानना है कि शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकवाद में शामिल रहा है और भारत में आतंकवादी गतिविधियों के विभिन्न मामलों में उसकी भागीदारी रही है।
जांच एजेंसियों ने 12 अगस्त को 14 राज्यों में कार्रवाई करते हुए नेटवर्क के 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। एजेंसियों ने राज्य पुलिस बलों के साथ जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ अब तक 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि बरामद आईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल सीसीटीवी कैमरे इस बात की पुष्टि करते हैं कि नेटवर्क के सीधे सीमा पार संबंध हैं। मंत्रालय ने कहा कि नेटवर्क का कथित उद्देश्य युवाओं और स्थानीय अपराधियों को लालच देकर अपने साथ जोड़ना, उन्हें भारत विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करना और सीमा पार से हथियार, विस्फोटक तथा मादक पदार्थों की तस्करी करना रहा है। इसके जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक-सांप्रदायिक सौहार्द और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने का आरोप लगाया गया है।
ब्राजील में छिपा है भट्टी : एनआईए
पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी ब्राजील में छिपा हुआ है। जुलाई में पंजाब से जुड़े आतंकी हमलों की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में इसका खुलासा हुआ है। एनआईए का दावा है कि भट्टी, ब्राजील से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ता है और फिर उन्हें अपने एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उनसे घटनाओं को अंजाम दिलवाता है।














