सूखे की स्थिति को लेकर सरकार पर हमला
लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। महाराष्ट्र में गंभीर सूखे की स्थिति को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्यभर में भयंकर सूखा पड़ा है, तो सरकार को किसानों की परेशानी क्यों नजर नहीं आ रही? सूखा घोषित करने की मांग करने पर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया जाता है। आखिर सूखे की मांग में राजनीति कहां से आ गई? शुक्रवार को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नाना पटोले ने कहा कि मराठवाड़ा और विदर्भ में हालात बेहद खराब हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूखकर बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसे में विपक्ष के तौर पर सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना और किसानों के लिए मदद की मांग करना हमारी जिम्मेदारी है।
पटोले ने कहा कि विपक्ष जब भी किसानों की समस्याओं को लेकर मांग करता है या आंदोलन करता है, तो सरकार उस पर राजनीति करने का आरोप लगा देती है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर विपक्ष को कटघरे में खड़ा करना सरकार की आदत बन गई है। उन्होंने सरकार के आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को भी बेसहारा नहीं छोड़ने और एनडीआरएफ के मानकों से दोगुनी सहायता देने जैसी घोषणाएं केवल मौखिक रूप से की जा रही हैं। हकीकत यह है कि किसानों के बैंक खातों में अब तक सहायता राशि जमा नहीं हो रही है। पटोले ने कहा कि सरकार की घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है। किसानों को आर्थिक सहायता का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि किसानों को मदद के लिए सरकार आखिर और कितने दिनों तक इंतजार करवाएगी? उन्होंने सरकार से सूखे की गंभीर स्थिति को स्वीकार करने और प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। पटोले के अनुसार कृषि संकट को देखते हुए फिलहाल फसलों का पंचनामा किए बिना राहत पैकेज घोषित करने की आवश्यकता है। विदर्भ व मराठवाड़ा में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसल की रोपाई नहीं हो पायी है।














