3.27 लाख किसानों को लाभ, देवेन्द्र फडणवीस ने किया वितरित
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य में सूखा घोषित कर दिया गया है।प्रारंभ में कुछ तालुकों को सूखा प्रभावित तालुकों की सूची से बाहर रखा गया था।अब बाहर किए गए तालुकों को भी सूखा प्रभावित तालुकों की सूची में शामिल कर लिया गया है।अब किसानों की मदद के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं।किसानों के बच्चों की परीक्षा फीस माफ कर दी गई है।पंचनामा शुरू हो गया है।ऐसे में किसान कर्ज माफी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होल्कर किसान कर्जमुक्ति योजना, 2026 के तहत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हाथों कर्जमाफी की तीसरी किश्त बांट दी गई है।इस तीसरी किश्त में 3.27 लाख किसानों के ऋण खातों में 3161 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं।अब तक राज्य सरकार ने कुल 15.86 लाख ऋण खातों में 13,276 करोड़ रुपये का लाभ वितरित किया है।बैंकों द्वारा अधिक ब्याज दर वसूलने के कारण इस किश्त में कुछ समय की देरी हुई।हालांकि, अब यह दुविधा सुलझ गई है।इससे हजारों किसानों को फायदा होने वाला है।उम्मीद है कि इस फैसले से किसानों की आर्थिक मुश्किलें कुछ हद तक कम हो सकेंगी।किसानों का कर्ज माफ कर उन्हें आर्थिक राहत देने का यह प्रयास राज्य सरकार द्वारा जारी रखा जा रहा है।यह योजना राज्य में कृषि को सशक्त बनाने में मदद करेगी।आशा है कि ऋण माफी का यह चरण किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
किसानों से ऋण वसूली पर रोक
वहीं सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए कुछ और फैसले भी लिए हैं।सरकार ने किसानों से कर्ज वसूली पर रोक लगा दी है।साथ ही पंचनामे के बाद सरकार किसानों को कुछ और मदद भी देने जा रही है।साथ ही सूखा घोषित करने के बाद सरकार ने बिजली बिलों में भी विशेष छूट दी है।आदेश दिया गया है कि कृषि पंप का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए।सूखे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पेयजल के साथ चारे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह जल संरक्षण का काम हाथ में लेकर किसानों की मदद करें।खरीफ का मौसम हाथ से निकल गया है।लेकिन रबी सीजन के लिए किसानों को फसल ऋण उपलब्ध कराया जाए, ऐसा सरकार ने बैंकों से भी कहा है।
2027 साल के लिए भी सरकार की योजना शुरू
इस बीच, सरकार अध्ययन कर रही है कि सूखे से राहत के लिए और क्या किया जा सकता है।अब किसानों और मजदूरों को अधिक से अधिक लाभ कैसे मिले, इसके प्रयास किये जा रहे हैं।आने वाले साल यानी 2027 में भी अल नीनो का प्रभाव जारी रहने की संभावना है, उस संबंध में सरकार की योजना भी चल रही है।













