लखनऊ। एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ मंगलवार को यहां होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी दुविधा संजू सैमसन और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी में से किसी एक का चयन करने को लेकर होगी। एशियाई खेलों में वीवीएस लक्ष्मण कोच थे और उन्होंने सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को अंतिम एकादश में रखा था लेकिन अब गंभीर कोच हैं और ऐसे में रणनीतिक बदलाव होना तय है, भले ही दोनों कोच आठवें नंबर तक बल्लेबाजी रखने में विश्वास रखते हैं। लेकिन अगर गंभीर की रणनीति को करीबी नजर से देखें तो वह सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को एक साथ अंतिम एकादश में नहीं रखेंगे। अभिषेक शर्मा सलामी बल्लेबाज के रूप में पसंद बने हुए हैं।
निशिन सिटी के कोरोणो स्पोट्र्स पार्क में खराब पिचों पर लक्ष्मण ने इन तीनों बल्लेबाजों को टीम में रखा। सूर्यवंशी और विश्व के नंबर एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, जबकि सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। यह फैसला पिच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। लेकिन लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर गंभीर एक बार फिर सैमसन को सलामी बल्लेबाज के रूप में वापस लाने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि निचले क्रम में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का बैकअप मौजूद है। सैमसन नंबर तीन पर सहज नहीं दिखे। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में अफगानिस्तान के खिलाफ पिछली घरेलू टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में दो अर्धशतक बनाए थे।
मध्य क्रम में पहले से ही कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, उप कप्तान तिलक वर्मा, ऑलराउंडर शिवम दुबे और रेड्डी के साथ-साथ अक्षर पटेल भी मौजूद हैं। ऐसे में सूर्यवंशी और सैमसन दोनों को अंतिम एकादश में रखने की संभावना बहुत कम है। कोच गंभीर के लिए एक और सिरदर्द तेज गेंदबाजी आक्रमण होगा जिसमें अनुभवी अर्शदीप सिंह के साथ-साथ अपेक्षाकृत अनुभवहीन मर्क यादव (छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच) और प्रिंस यादव (तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच) शामिल हैं। स्पिन गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और कुलदीप यादव संभालेंगे। अगर गंभीर बल्लेबाजी को मजबूत करना चाहते हैं, तो नमन धीर को प्रिंस या मर्क की जगह लिया जा सकता है।
यह भी देखना बाकी है कि अक्षर स्पिनर के रूप में अभिषेक का इस्तेमाल करते हैं नहीं। इस बाएं हाथ के स्पिनर ने एशियाई खेलों में कुछ विकेट लेकर अपने गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन किया था। यह सीरीज अय्यर की कप्तानी की भी एक बड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि उन्हें एक मजबूत टी20 टीम के खिलाफ खेलना है। वेस्टइंडीज को इस प्रारूप में मजबूत टीम माना जाता है, जिसने 2012 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप जीता था। अक्षर की कप्तानी में भारत ने जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसी कम रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ टी20 सीरीज में जीत हासिल की है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भारत की टीम मजबूत स्थिति में नजर आती है क्योंकि उसने स्वदेश में खेले पिछले 10 मैचों में से नौ में कैरेबियाई टीम को हराया है।
वेस्टइंडीज के पास टी20 प्रारूप में रोमारियो शेफर्ड, रोवमैन पॉवेल, शिमरोन हेटमायर, अकील हुसेन जैसे आक्रामक खिलाड़ी हैं, जिनकी भारतीय परिस्थितियों में खेलने के अनुभव के कारण इंडियन प्रीमियर लीग में काफी मांग है। शाई होप की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज मजबूत टीम है। उसकी बल्लेबाजी काफी हद तक होप, हेटमायर, पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड पर निर्भर रहेगी। वेस्टइंडीज के पास ऑलराउंडर विभाग में रोस्टन चेज, कीमो पॉल, पॉवेल और शेफर्ड जैसे खिलाड़ी हैं। वेस्टइंडीज के गेंदबाजी विभाग की कमान बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसेन और तेज गेंदबाज शमर जोसेफ संभालेंगे।














