बर्मिंघम। क्यू खेल के दिग्गज खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने यहां डब्ल्यूबीएल विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर करियर का 29वां विश्व खिताब अपने नाम किया और साबित कर दिया कि इस खेल में उनका जलवा अब भी कायम है। इकतालीस वर्षीय आडवाणी सेमीफाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय थे और अंततः उन्होंने पांच घंटे तक चले बेहद रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड के रॉब हॉल को 1906-1206 से शिकस्त दी। आडवाणी और हॉल दोनों के लिए फाइनल काफी अहम था। हॉल इससे पहले पांच बार विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गए थे। वहीं आडवाणी की नजरें क्यू खेलों में अपने विश्व खिताबों के बेमिसाल रिकॉर्ड को और बेहतर करने पर थीं।
फाइनल की शुरुआत आडवाणी ने 91 के ब्रेक के साथ की। इसके बाद हॉल ने 203 का शानदार ब्रेक बनाकर बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले के करीब दो घंटे बाद दोनों खिलाड़ी लगभग बराबरी पर थे। तभी आडवाणी ने एक और शतकीय ब्रेक लगाकर बढ़त बना ली। अगले 30 मिनट तक हॉल ने शानदार बिलियर्ड्स खेलते हुए 331 का ब्रेक बनाया और कई बार के विश्व चैंपियन आडवाणी से 300 से अधिक अंकों की बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में दो घंटे से भी कम समय बचा था और अंकों का अंतर लगातार बढ़ने के कारण आडवाणी मुश्किल स्थिति में नजर आ रहे थे। जब स्कोर 1014-697 था और मुकाबले में 115 मिनट बाकी थे, तब हॉल अपने पहले विश्व खिताब की ओर बढ़ते दिख रहे थे। लेकिन आडवाणी ने उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया।
आडवाणी ने 210 का शानदार ब्रेक बनाकर हॉल की बढ़त घटकर 100 अंक कर दी। इसके तुरंत बाद प्रतिद्वंद्वी के एक आसान शॉट चूकने पर आडवाणी को फिर मौका मिल गया। इसके बाद आडवाणी ने चैंपियनशिप का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए 587 का ब्रेक बनाया। यह इस साल की विश्व चैंपियनशिप का सबसे बड़ा ब्रेक था। इस शानदार प्रदर्शन ने उनके प्रतिद्वंद्वी की खिताब जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और आडवाणी का नाम एक बार फिर प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर दर्ज हो गया। पुरस्कार समारोह के दौरान हॉल ने आडवाणी की असाधारण वापसी और उनके शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। इससे पहले आडवाणी ने तीन घंटे तक चले क्वार्टर फाइनल में همवतन सौरव कोठारी को 1134-575 से हराया था।














