नागपुर। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मानकापुर स्थित खेल परिसर में मतगणना शुरू होने के दौरान 16 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अचानक नारेबाजी की, जिससे हंगामा मच गया। ‘भारतीय संविधान की जय हो, मतगणना रद्द होनी चाहिए,’ ऐसे नारे लगाए। ‘चुनाव में वोट चोरों का’ आरोप लगाते हुए उन्होंने खलबली मचा दी।
मतगणना प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक उम्मीदवार की मतपत्रिकाएं इकट्ठा करने के लिए बॉक्स रखना अपेक्षित था। लेकिन केवल कुछ प्रमुख उम्मीदवारों के नाम वाले बॉक्स रखे गए। इस पर निर्दलीय उम्मीदवार सचिन कालबांडे सहित 16 लोगों ने आपत्ति जताई। इस बारे में जिलाधिकारी आशीर्वाद से चर्चा की। निर्दलीय व अन्य उम्मीदवारों के नाम वाले बॉक्स रखने की मांग की। लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया, ऐसा आरोप लगाते हुए कालबांडे ने जिलाधिकारी की बात पर विरोध दर्ज कराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इससे अचानक हंगामा मच गया।
मतगणना के दौरान, प्रत्येक उम्मीदवार के मतपत्र एकत्र करने के लिए बक्से रखे जाने थे। लेकिन केवल कुछ प्रमुख उम्मीदवारों के नाम वाले बक्से ही रखे गए। उन्होंने इस बारे में जिला कलेक्टर आशीर्वाद से बात की। उन्होंने मांग की कि अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम वाले बक्से भी रखे जाएं। कालबांडे ने आरोप लगाया कि उन्होंने उन बक्सों को अस्वीकार कर दिया था और उन्होंने जिला कलेक्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके कारण अचानक अफरा-तफरी मच गई। 16 निर्दलीय उम्मीदवारों ने मतगणना केंद्र पर ही डेरा डालकर आंदोलन शुरू कर दिया। जिलाधिकारी ने अवैध मतों को देखने नहीं दिया, निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम के बॉक्स नहीं रखे गए। इसका मतलब है कि प्रशासन को विश्वास है कि कुछ ही लोग चुनकर आएंगे, यह लोकतंत्र पर हमला है, ऐसा आरोप कालबांडे व अन्य उम्मीदवारों ने लगाया। मतगणना रोकी जाए, मतदान रद्द होना चाहिए, चुनाव रद्द होना चाहिए, ऐसे नारे निर्दलीय उम्मीदवारों ने लगाए।
वैध मतदान की संख्या बढ़ने की संभावना
वरीयता क्रम के बजाय मतदाताओं ने लगाया निशान
नागपुर। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतगणना की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मतपत्रों के बंडल बांटे गए जिसमें इससे अवैध मतदान बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। दोपहर 2 बजे से वास्तविक मतगणना शुरू होने की जानकारी मतगणना केंद्र के अधिकारियों दी। मतपत्रिकाओं के बंडल बांटते समय कुछ मतदाताओं ने पसंदीदा क्रम लिखने के बजाय उम्मीदवार के सामने ‘राइट’ का निशान लगाया है, ऐसा सूत्र ने बताया। ऐसी कई मतपत्रिकाएं सामने आई हैं और उन्हें अवैध मतदान में शामिल किया जाएगा। इसलिए अवैध मतदान की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पिछली 2020 के चुनाव में 11,540 वोट अवैध घोषित किए गए थे।
उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखाई मतपत्रिका
गिनती के समय प्रत्येक मतपत्रिका उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखाई गई। संदिग्ध या अवैध ठहराने वाली मतपत्रिका दूसरे टेबल पर रखी जा रही थीं। एक मतदाता ने मतपत्रिका खाली ही छोड़ दी। किसी भी उम्मीदवार को प्राथमिकता नहीं दी। तो एक राष्ट्र का निशान लगाया। तो एक मतदाता ने क्रमांक देकर उस पर गोला बनाया। तो कुछ ने फोटो के पास प्राथमिकता क्रम दिया। इसलिए वह अवैध साबित हुई।
मीडिया सेंटर में पत्रकारों के ही प्रवेश पर रोक
नागपुर। जब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, इसी बीच नागपुर में मतगणना केंद्र की व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मतगणना के अपडेट देने के लिए बनाए गए मीडिया सेंटर में ही पत्रकारों को प्रवेश में बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार को सुबह आठ बजे से विभागीय खेल परिसर में शुरू हुई। इस मतगणना केंद्र पर की गई व्यवस्थाओं को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। मतगणना प्रक्रिया की जानकारी एकत्र कर उसे अपने समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और डिजिटल मीडिया के कार्यालयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पत्रकार निभाते हैं। हालांकि, इसके लिए बनाए गए मीडिया सेंटर में ही पत्रकारों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पायीं। मतगणना केंद्र के मीडिया सेंटर में प्रवेश करते समय मीडिया प्रतिनिधियों की जांच की जा रही थी।
कैमरा, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अंदर ले जाने पर रोक लगाए जाने के कारण पत्रकारों के सामने कामकाज का सवाल खड़ा हो गया। आज की डिजिटल पत्रकारिता में खबरों के अद्यतन विवरण कार्यालय तक पहुंचाने के लिए ये उपकरण महत्वपूर्ण होते हैं। उन पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मतगणना संबंधी जानकारी समय पर भेजने में कठिनाइयां आयीं। मीडिया सेंटर पत्रकारों के लिए बनाया गया होने के बावजूद वहां मीडिया प्रतिनिधियों के बजाय पुलिस ही बैठी हुई दिखाई दी। दूसरी ओर, मतगणना की रिपोर्टिंग करने आए पत्रकारों को धूप में बैठकर काम करना पड़ा।













