नई दिल्ली। दिल्ली के गांधी विहार इलाके में UPSC तैयारी कर रहे 32 वर्षीय युवक की जली हुई लाश मिलने के लगभग दो सप्ताह बाद पुलिस ने पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। जिसे अब तक एसी ब्लास्ट के कारण लगी आग का हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने मृतक की लिव-इन पार्टनर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है।
यह घटना 6 अक्टूबर की है जब पुलिस को एक फ्लैट में आग लगने की सूचना मिली थी। दमकल विभाग ने आग बुझाई और कमरे से बुरी तरह जला हुआ एक शव बरामद किया। मृतक की पहचान रामकेश मीणा के रूप में हुई जो गांधी विहार में चौथी मंजिल पर किराए से रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
शुरुआत में इसे दुर्घटना मानकर जांच आगे बढ़ाई गई, लेकिन फ्लैट के आसपास लगे CCTV कैमरों ने संदेह को मजबूती दी। फुटेज में 5-6 अक्टूबर की रात करीब दो बजे दो संदिग्ध चेहरे ढके हुए इमारत में दाखिल होते दिखे। इसके बाद तड़के लगभग 2:57 बजे एक महिला उनमें से एक आरोपी के साथ फ्लैट से बाहर निकलती दिखाई दी। इनके निकलने के कुछ ही देर बाद फ्लैट में विस्फोट और आग लग गई।
पुलिस ने जब महिला की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली, तो उसकी लोकेशन घटना स्थल के आसपास पाई गई। संदेह गहराने पर 18 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हत्या की योजना का पूरा राज़ खोल दिया और अपने पूर्व प्रेमी व एक अन्य साथी का नाम बताया, जिन्हें बाद में मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार मृतक ने युवती के निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे, जिन्हें वह डिलीट नहीं कर रहा था। युवती ने जब यह बात अपने पूर्व प्रेमी को बताई, तो वह आगबबूला हो गया और उसने मीणा को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले रामकेश का गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए उसके शरीर पर तेल, घी और शराब डालकर आग लगा दी। पूर्व प्रेमी LPG डिस्ट्रीब्यूटर का काम करता था, इसलिए उसने सिलेंडर का वाल्व खोलकर विस्फोट का रूप देने की कोशिश की, जिससे यह मौत दुर्घटनावश लगे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक हार्ड डिस्क, दो मोबाइल फोन, मृतक की कमीज और एक ट्रॉली बैग बरामद किया है। फिलहाल तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।











