लोकसंवादनी, संवाददाता:नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे 15 भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर बैंकों का कुल 58,000 करोड़ रुपये बकाया है। इन अपराधियों द्वारा 26,645 करोड़ रुपये का मूल नुकसान और 31,437 करोड़ रुपये का ब्याज बकाया है। अब तक 19,187 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। भविष्य में देश छोड़ने से रोकने हेतु ऐसी कोई नई नीति फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा को सूचित किया कि 31 अक्टूबर, 2025 तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) के तहत कुल 15 व्यक्तियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया गया है। यह जानकारी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा सदस्य और दीमा से कांग्रेस सांसद मुगुरली लाल मीणा द्वारा उठाए गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में साझा की गई। मीणा ने लोकसभा में वित्त मंत्री से पूछा कि भगोड़ा
आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत आज तक कितने व्यक्तियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर किए गए वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में; इन घोषित भगोड़े आर्थिक अपराधियों द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के
बैंकों को हुई कुल वित्तीय हानि (रुपये में) का विवरण, नाम-वार और बैंक-वार; निपटान में शामिल व्यक्तियों का नाम और संख्या; संबंधित बैंकों के नाम; निपटारों में राशि और दी गई छूट। चौधरी ने कहा कि इन 15 अपराधियों में से नौ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल हैं। इस सूची में विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि इन 15 भगोड़े आर्थिक अपराधियों (एफईओ) ने सामूहिक रूप से 31 अक्टूबर, 2025 तक बैंकों को 26,645 करोड़ रुपये का मूल वित्तीय नुकसान पहुंचाया है।
इसके अलावा, इन ऋणों पर एनपीए बनने की तिथि से 31 अक्टूबर, 2025 तक अर्जित ब्याज 31,437 करोड़ रुपये है। चौधरी ने सदन को बताया कि 31 अक्टूबर, 2025 तक इन अपराधियों से 19,187 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं। घोषित भगोड़े आर्थिक अपराधियों के नाम विजय माल्या, नीरव मोदी, नितिन जे सेंडसरा, चेतन जे सेंडसरा, दीप्ति सी सेंडसरा, सुखदर्शन वेकटरामन, रामनाथन श्रीधरन, पुरुष कुमार बेद और हितेश कुमार नेवडास हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ऐसी कोई नीति बना रही है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे अपराधियों को भविष्य में कानूनी प्रतिबंधों व निगरानी सूची के माध्यम से देश छोड़ने से रोका जा सके, पंकज चौधरी ने कहा कि वर्तमान में ऐसी कोई नीति तैयार नहीं की जा रही है।











