नागपुर। शहर में भारतीय जनता पार्टी के पास इच्छुक उम्मीदवारों की बाढ़ देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि एक-एक वार्ड के लिए औसतन 10 इच्छुक उम्मीदवार सामने आए हैं। भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी मित्र दलों के साथ महायुति करेगी, लेकिन मित्र दलों को अपनी राजनीतिक शक्ति और क्षमता को देखते हुए ही सीटों की मांग करनी चाहिए।
राज्य में महानगरपालिका चुनावों की घोषणा कर दी गई है। मुंबई सहित राज्य की सभी महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी 2026 को मतगणना की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही सोमवार से आचार संहिता लागू हो गई है। इसके साथ ही राज्यभर में इच्छुक उम्मीदवारों में सरगर्मी तेज हो गई है।
नागपुर महानगरपालिका के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की मुलाकात (इंटरव्यू) प्रक्रिया शुरू कर दी है। गणेशपेठ स्थित भाजपा कार्यालय में इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। महानगरपालिका की 151 सीटों के लिए भाजपा को कुल 1489 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यानी लगभग हर सीट पर 10 से अधिक दावेदार हैं। इन सभी इच्छुकों को पार्टी की 19 सदस्यीय इंटरव्यू समिति के कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा नेतृत्व पहले ही महायुति की मंशा जता चुका है, ऐसे में कई वार्डों में मित्र दलों के लिए सीटें छोड़ने की संभावना भी बन रही है। इस पर दयाशंकर तिवारी ने संकेत देते हुए कहा कि मित्र दलों को पिछली चुनावी स्थिति के अनुसार ही सीटों की मांग करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछली बार एकनाथ शिंदे की शिवसेना के केवल 2 नगरसेवक, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का 1 नगरसेवक चुना गया था। ऐसे में इस बार भी दोनों दलों को अपनी वास्तविक ताकत के अनुरूप ही सीटों की अपेक्षा रखनी चाहिए।
महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के साथ ही नागपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में टिकट वितरण को लेकर सियासी सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।











