लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे ने अंततः बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के पत्र का हवाला देते हुए खातों के हस्तांतरण के पत्र को मंजूरी दे दी है। वहीं राज्य के राजनीतिक हलकों में यह सबसे बड़ी खबर है और अब माणिकराव कोकाटे के सभी विभागों की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास होगी। माणिकराव कोकाटे ने अपना इस्तीफा अजित पवार को सौंप दिया था। उसके बाद सारा घटनाक्रम तेजी से बढ़ा है। हालांकि वह बिना खाते के मंत्री बने रहेंगे।
फ्लैट घोटाले के मामले में जिला अदालत द्वारा सजा बरकरार रखने के बाद आज सुबह माणिकराव कोकाटे को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पता चला कि वहाँ उनका इलाज चल रहा है। इस बीच, मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद माणिकराव कोकाटे के खाते उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सौंप दिए गए हैं।
नाशिक सत्र न्यायालय ने मंगलवार को फ्लैट घोटाला मामले में निचली अदालत द्वारा माणिकराव कोकाटे को दी गई दो साल की सजा को बरकरार रखा। इससे माणिकराव कोकाटे की परेशानी बढ़ गई। विपक्षी दलों ने आक्रामक तरीके से माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे की मांग की थी। कोकाटे ने सेशन कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, यह बात सामने आई है कि माणिकराव कोकाटे ने शुक्रवार को होने वाली सुनवाई से पहले ही इस्तीफा दे दिया।
इस फैसले के खिलाफ कोकाटे ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। मामले में कोकाटे के वकील अनिकेत निकम ने जस्टिस आर.एन. लड्ढा की सिंगल बेंच के सामने याचिका का जिक्र किया और तुरंत सुनवाई की मांग की। कोर्ट ने इसे शुक्रवार को सुनवाई के लिए लिस्ट किया है। हालांकि, निकम ने बुधवार को सजा पर रोक लगाने की मांग नहीं की, इसलिए इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया गया। उन्होंने हाई कोर्ट में बताया कि कोकाटे अपना मंत्रालय खोने वाले हैं और नाशिक सत्र अदालत, जिसने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की सजा के आदेश को बरकरार रखा था, उसने सजा पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि वह शुक्रवार को सजा को निलंबित करने के लिए कोकाटे की याचिका पर विचार करेगा।
मामले में नाशिक कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोकाटे ने एक समृद्ध किसान होने के बावजूद बेईमानी से खुद को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का बताकर राज्य सरकार को गुमराह किया और मुख्यमंत्री कोटे से गरीबों के लिए आरक्षित फ्लैट हासिल किए। इस फैसले के खिलाफ कोकाटे ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की है जिस पर जस्टिस आर.एन. लड्ढा की बेंच शुक्रवार, 19 दिसंबर को सुनवाई करेगी। इस साल 20 फरवरी में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे को दोषी ठहराया था। राज्य सरकार के कोटे के तहत फ्लैट प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने के मामले में दोनों को दो साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। जिसे अब नाशिक जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश पी.एम. बदर ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा मंत्री कोकाटे को दी गई जेल की सजा को बरकरार रखा।











