मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के विमान हादसे को लेकर घमासान तेज हो गया है।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि दुर्घटना से संबंधित केवल 30 प्रतिशत जानकारी ही अब तक सार्वजनिक की गई है, जबकि 70 प्रतिशत महत्वपूर्ण सामग्री और सबूत अभी भी उनके पास हैं। उन्होंने उन आधिकारिक रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ‘लियरजेट 45’ विमान का ब्लैक बॉक्स जल गया है।
पवार ने दावा किया कि ब्लैक बॉक्स की तस्वीर उन तक पहुंच चुकी है और यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई गई, तो सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। साथ ही, उन्होंने प्रभावशाली व्यक्तियों और विमानन कंपनी VSR के बीच संबंधों के सबूत होने का भी आरोप लगाया।
वहीं, राज्य सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई है। रोहित पवार का आरोप है कि सीबीआई जांच की मांग केवल मामले को भटकाने और सच्चाई को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है। सोमवार को विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने राज्य सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को महज ‘समय बर्बाद करने की साजिश’ करार दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच केवल दिखावा साबित हुई, तो ‘मराठी मानस’ अपनी ताकत दिखाएगा और चुप नहीं बैठेगा। विधायक रोहित पवार की यह टिप्पणी उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने बारामती हादसे की सीबीआई जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया था। रोहित पवार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीबीआई के पास पहले से ही लगभग 7,000 मामले लंबित हैं, जिनमें से 2,500 से अधिक मामले एक दशक से भी ज्यादा पुराने हैं। उन्होंने तर्क दिया कि महाराष्ट्र इस तरह की समय की बर्बादी को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसकी जगह राज्य की सीआईडी (CID) से जांच कराई जा सकती है।











