मतगणना प्रक्रिया सभी मतगणना केंद्रों पर एक साथ बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) 4 मई, सोमवार को 2026 विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की बहुप्रतीक्षित मतगणना के लिए पूरी तरह तैयार है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 824 सीटों पर चुनाव होने हैं और परिणाम न केवल क्षेत्रीय नेतृत्व का निर्धारण करेंगे बल्कि अगले राष्ट्रीय चुनाव चक्र से पहले मतदाताओं के मूड का संकेत भी देंगे। ईसीआई के अनुसार, मतगणना प्रक्रिया सभी मतगणना केंद्रों पर एक साथ बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत संचालित की जाएगी। ईसीआई ने पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त प्रोटोकॉल तैयार किया है।
दोपहर 12 बजे तक लगभग यह साफ़ हो जाएगा। राज्यों में किसकी सरकार बनेगी। इस बार का बंगाल चुनाव कई मायनों में पूरी तरह से अलग रहा है और चुनाव के दौरान कई नए रिकॉर्ड बने हैं। चुनावी इतिहास में पहली बार दो चरणों में मतदान हुए थे। सुबह 8:00 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती है। इनमें सेवारत मतदाताओं, ड्यूटी पर तैनात चुनाव अधिकारियों और घर से मतदान करने का विकल्प चुनने वाले वरिष्ठ नागरिकों/दिव्यांग मतदाताओं के वोट शामिल हैं। वहीं सुबह 8:30 बजे ईवीएम की गिनती शुरू होती है। डाक मतों की प्रारंभिक गिनती 30 मिनट तक चलने के बाद, चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों, सुरक्षा कर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को खोला जाएगा।
उपचुनाव: बारामती और राहुरी के भी नतीजे आज
महाराष्ट्र की दो विधानसभा सीटों- बारामती और राहुरी पर उपचुनाव संपन्न हो गया है और सोमवार, 4 मई को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा होगी। 4 मई की सुबह से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी और शुरुआती रुझान के बाद दोपहर तक नतीजे साफ होने लगेंगे। ऐसे में बारामती और राहुरी के लिए यह अहम दिन है। वोटों की गिनती आमतौर पर मतगणना सुबह 8:00 बजे शुरू हो जाती है। बैलेट पेपर के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के वोट काउंट किए जाते हैं। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, रुझान क्लियर होते जाएंगे और दोपहर 12:00 बजे तक नतीजे साफ़ होने लगेंगे। बारामती दिवंगत दिग्गज नेता अजित पवार की पारंपरिक सीट रही है और महायुति की ओर से महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार उम्मीदवार हैं। उनके सामने विपक्षी दलों ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे। हालांकि, कुछ निर्दलीय नेताओं ने अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश की है, जिसकी वजह से इस सीट पर चुनाव हुए।









