राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि अंतिम दिन में चुनाव रद्द करना राज्य के लोकतांत्रिक इतिहास में पहला मामला है। उन्होंने इस फैसले को न सिर्फ असमंजसपूर्ण, बल्कि मतदाताओं के विश्वास के लिए खतरनाक बताया। उनका कहना है कि इस तरह का अचानक फैसला जनता के मन में भ्रम पैदा करता है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे परिस्थितियों में जहाँ चुनाव प्रक्रिया पर संशय हो पूरा चुनाव ही दोबारा किया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं का भरोसा बरकरार रहे। वर्तमान रद्द‑निर्णय से मतदाताओं और राजनीतिक दलों दोनों को बड़ा झटका लगा है।
राजनीय विश्लेषकों एवं स्थानीय नेताओं ने भी इस फैसले पर असंतोष जताया है। वे कह रहे हैं कि इससे पूरे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और जन‑अशांतता की स्थिति बन सकती है।बावनकुळे और अन्य नेताओं की मांग है कि निर्वाचन आयोग अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।











