लोकवाहिनी, संवाददाता
अकोला। जिले के आकोट में यूरिया को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है। 10 जून सुबह नौ बजे के बाद आकोट की कृषि मंडी खुली। किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान खरीफ के लिए यूरिया खरीदने के लिए रात से ही मंडी के बाहर इंतजार कर रहे थे। वे यूरिया पाने के लिए पूरी रात जागते रहे। मंडी खुलने के बाद भी मंडी के बाहर किसानों की भीड़ दिखाई दी। कुछ जगहों पर किसानों के बीच कहा-सुनी भी हो रही है। इसलिए प्रशासन ने आकोट की कृषि मंडी के बाहर पुलिस कमांडो तैनात किए हैं।
किसानों का फूटा गुस्सा
रात 3 बजे से लगी कतारें
क्या किसानों का भाग्य हमेशा कतारों में खड़े रहना ही होता है? कभी खुद को ‘बलीराजा’ कहने वाला किसान कर्जमाफी के लिए कतार में खड़ा होता है, तो कभी उसे बीज और खाद खरीदने के लिए। मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ के दावों के बीच सरकार की उदासीनता की पड़ताल में यही सच्चाई सामने आई है।
अकोला जिले की आकोट कृषि मंडी में रात 3 बजे से ही कतारें लगी हुई हैं। हर कोई अपना नंबर आने के लिए बेताब है, क्योंकि खरीफ की फसल के लिए सभी को अपने खेतों में यूरिया चाहिए। क्या इसके लिए भी उन्हें नंबर की जरूरत पड़ेगी? ये किसान रात से ही कृषि केंद्र के बाहर अपना नंबर लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस बीच, रात 3 बजे अंधेरे में शुरू हुआ खाद पाने का संघर्ष सुबह की जद्दोजहद के बाद भी जारी रहा। दो दिन पहले आकोट में किसानों ने यूरिया खरीदने के लिए लंबी कतारें लगाई थीं। इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो गई और पुलिस को बुलाना पड़ा। हालांकि, इसके बाद भी जिला प्रशासन ने कोई एहतियात नहीं बरती है और आकोट में वही स्थिति देखने को मिल रही है।











