सात माह से भुगतान लंबित, उपोषण पर बैठे कर्मचारी
न्यायालय आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने से रोष
नागपूर जिले से आई जिला कार्यक्रम समन्वयक पौर्णिमा गजबे सहित अन्य कर्मचारियों ने प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत मानधन भुगतान और समायोजन की मांग को लेकर अमरण उपोषण शुरू किया है। यह योजना वर्ष 2017 से लागू है, जिसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग में सेवाएं दी जा रही थीं। बाद में यह योजना स्वास्थ्य विभाग से स्थानांतरित कर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी गई।
कर्मचारियों का कहना है कि अक्टूबर 2025 से अब तक सात माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उनका मानधन भुगतान नहीं किया गया है और समायोजन की प्रक्रिया भी लंबित है। बार-बार निवेदन देने के बावजूद केवल प्रक्रिया जारी होने का आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि न्यायालय द्वारा दिसंबर 2025 में चार माह के भीतर समस्या के समाधान का निर्देश दिया गया था, लेकिन आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई पूरी नहीं हुई। इस कारण सभी कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि उन्हें नॅशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए तथा लंबित मानधन का तत्काल भुगतान किया जाए। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अमरण उपोषण जारी रखने की चेतावनी दी गई है।








