3 महीने तक अल नीनो का असर, केंद्र का निर्देश- राज्य तुरंत एक्शन प्लान लागू करें
नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन का दुनिया पर भयावह असर पड़ रहा है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में आने वाले महीनों में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग के बाद अब संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यू) ने भी वैश्विक जलवायु को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार प्रशांत महासागर में तेजी से बढ़ती गर्मी के कारण जून से अगस्त के बीच अल नीनो विकसित होने की 80 प्रतिशत बारिश की संभावना है, जबकि नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक है। वहीं संभावित सूखे और कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिलास्तर पर पहले से तैयार की गई कार्ययोजनाओं को तुरंत लागू किया जाए। साथ ही किसानों तक मौसम और कृषि संबंधी जानकारी समय पर पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और कॉल सेंटर सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर बारिश, तापमान और कृषि पर व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने कहा है कि प्रशांत महासागर के समुद्री जल का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे अल नीनो की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है। यह मौसमी घटना वैश्विक स्तर पर वर्षा चक्र को प्रभावित करती है और कई क्षेत्रों में सूखा, बाढ़, हीटवेव तथा चरम मौसम की घटनाओं को जन्म दे सकती है।












