सवाल: 550 करोड़ की 20 टन से अधिक की गड़बड़ी, अदालत ने पुलिस से मांगा रिकॉर्ड
लोकवाहिनी, संवाददाता
श्रीनगर। अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब माता वैष्णो देवी धाम में चढ़ाई गई चांदी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में चढ़ाई गई 550 करोड़ की नकली चांदी के मामले में जम्मू की अदालत ने पुलिस को रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 29 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का आदेश दिया है। मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। मामले की शुरुआत तब हुई जब इस वर्ष मई में माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने करीब बीस टन चांदी को मानक प्रक्रिया के तहत गलाने और सुरक्षित रखने के लिए सरकारी टकसाल भेजा।
बताया गया कि जांच के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। कथित तौर पर पूरी खेप में केवल पांच प्रतिशत धातु ही असली चांदी निकली, जबकि लगभग पचानवे प्रतिशत हिस्सा कैडमियम और लोहे जैसी सस्ती धातुओं का पाया गया। यदि यह दावा सही साबित होता है तो पांच सौ पचास करोड़ रुपये आंकी गई चांदी का वास्तविक मूल्य घटकर करीब तीस करोड़ रुपये रह जाता है। शुरुआत में यह माना गया कि संभव है श्रद्धालुओं ने अनजाने में नकली चांदी चढ़ा दी हो। लेकिन बाद में अधिवक्ता दीपक शर्मा ने अपराध शाखा के महानिरीक्षक को शिकायत देकर अलग ही आशंका जताई। उनका आरोप है कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई असली चांदी को बीच में बदल दिया गया, उसमें मिलावट की गई, उसका दुरुपयोग हुआ और सरकारी अभिलेखों में भी हेरफेर की गई। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वास भंग और सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए तथा तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
शिकायत के अनुसार अपराध शाखा की ओर से समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के बाद मामला जम्मू के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत पहुंचा। अपराध शाखा ने अदालत को बताया कि शिकायत को मंजूरी के लिए श्रीनगर स्थित मुख्यालय भेजा गया है और आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर शिकायतकर्ता का कहना है कि कानून के अनुसार सीधे प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की जानी चाहिए थी। अब अदालत ने अपराध शाखा के जांच अधिकारी को उन सभी अभिलेखों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है जो इस मामले से जुड़े हैं। शिकायतकर्ता ने चढ़ावे के संग्रह, भंडारण और परिवहन से जुड़े अभिलेख, निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग, धातु जांच रिपोर्ट, गलाने की प्रक्रिया और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की भी मांग की है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए उन सभी दस्तावेजों को तलब किया है।













