प्रभावित परिवारों ने मांगी निष्पक्ष जांच
सरकारी मार्ग को लेकर विवाद गहराया
नागपुर के जूना कामठी रोड स्थित कळमना क्षेत्र में तीन मकानों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवारों का आरोप है कि सरकारी पांदण मार्ग की मूल स्थिति में बदलाव कर उनके मकानों को अतिक्रमण घोषित किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले न तो विधिवत नोटिस जारी किया गया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
प्रभावित परिवारों का यह भी दावा है कि प्रशासन ने भूमि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों और पूर्व के दस्तावेजों की अनदेखी की है। उनका कहना है कि वर्ष 1991-92 के आधिकारिक नक्शे में दर्शाए गए सरकारी पांदण मार्ग की वास्तविक स्थिति का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया गया। परिवारों का आरोप है कि बिना समुचित जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए मकानों को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले को लेकर प्रभावित परिवारों ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सभी राजस्व अभिलेखों, पुराने नक्शों और संबंधित दस्तावेजों की दोबारा जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, कार्रवाई की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाए ताकि यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक त्रुटि हुई हो तो उसे सुधारा जा सके। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से न्यायपूर्ण और पारदर्शी जांच कर उचित निर्णय लेने की अपील की है।











