लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। देश की स्थिति बेहद गंभीर है। इस स्थिति से जनता का ध्यान भटकाने के लिए धर्म के नाम पर, विशेष रूप से गणेशोत्सव के दौरान दंगे भड़काने की कोशिश हो सकती है। इसलिए समझदार हिंदू और मुस्लिम भाइयों को सतर्क रहना चाहिए, ऐसा आह्वान मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने किया। ठाणे में आयोजित पदाधिकारी सम्मेलन में वे बोल रहे थे। देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। इसलिए धर्म को आगे किया जा रहा है और हम धर्मांध होकर नहीं चल सकते। राज ठाकरे ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए भविष्य में पूरा देश सड़कों पर आ सकता है। इसलिए जनता को धर्म और जाति के मुद्दों में उलझाकर रखा जा रहा है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया। धर्म के नाम पर सरकार की ओर से कई चीजों की जा रही हैं। इसमें मतदाताओं को भी बाहर रखा जा रहा है। इसलिए देश की स्थिति को देखते हुए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। राज ठाकरे ने आगे कहा कि 2021 से 2026 की अवधि में देश से 503 विदेशी कंपनियों ने अपना कामकाज बंद कर दिया है। देश के सामने बेरोजगारी समेत कई गंभीर संकट हैं। हालांकि, इन संकटों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए धर्म का मुद्दा आगे किया जा रहा है। देश के बच्चे अमेरिका और यूरोप में शिक्षा लेकर वापस नहीं आते। देश के 13 हजार उद्योगपति विदेश चले गए हैं। हर 48 मिनट में एक किसान आत्महत्या कर रहा है, जबकि युवाओं में भी आत्महत्या का प्रमाण बढ़ रहा है। युवाओं को रोजगार नहीं है। ऐसे कई संकटों में देश है।
जीडीपी 7.8 प्रतिशत है तो सोना क्यों नहीं खरीदना चाहिए?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। जीडीपी के मुद्दे पर राज ठाकरे ने एकदम उचित, सोचने पर मजबूर करने वाला सवाल पूछा। अगर, इस देश की जीडीपी 7.8 प्रतिशत है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से सोना खरीदने मत जाइए, विदेश यात्रा मत कीजिए, ऐसा क्यों कह रहे हैं? ऐसा सवाल राज ठाकरे ने पूछा है। किर्गिस्तान से मोदी ने एक बार फिर कहा कि कोई विदेश मत जाइए। मुझे यह बात ही बहुत पसंद आई। विदेश से भारतीयों को कहना कि विदेश मत जाइए। फिर कह रहे हैं कि विदेश मत जाइए, सोना मत खरीदिए। ऊपर से, हमें क्या बताया जा रहा है भारत का अपना जीडीपी 7.8 प्रतिशत है, जो अमेरिका, चीन से भी ज्यादा है। फिर विदेश क्यों नहीं जाना चाहिए? ऐसा सवाल राज ठाकरे ने पूछा। घर में जब तंगी होती है, तभी मितव्ययिता शुरू होती है। 7.8 प्रतिशत हमारी जीडीपी ग्रोथ है, यह अमेरिका, चीन जैसे देशों से ज्यादा है। फिर, इस देश के लोगों को विदेश घूमने क्यों नहीं जाना चाहिए? सोना क्यों नहीं खरीदना चाहिए? इसका कारण है, पूरे देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ी हुई है। आगे-आगे क्या-क्या चीजें होंगी, आर्थिक रूप से होंगी। अभी नीट के मामले में जेन जी सड़क पर आ गए हैं, कल पूरा देश आएगा। यह ताली बजाने जैसा वाक्य नहीं है। आपको नीट गंभीरता से सोचने की बात है, हम जा रहें हैं? हम कर क्या रहे हैं।
महापुरुषों के साथ किसी का भी फोटो नहीं चाहिए
पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो हटाने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। अमित ठाकरे के आदेश के बाद एक मनसे कार्यकर्ता ने महापुरुषों की कतार से मोदी का फोटो हटा दिया था। इसके बाद अमित ठाकरे के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया था। इस पर अमित ठाकरे के खिलाफ भाजपा ने आंदोलन भी किया।
अब अमित ठाकरे की भूमिका का मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने समर्थन किया। महापुरुषों की कतार में प्रधानमंत्री का फोटो नहीं चाहिए। राष्ट्र निर्माण सेना के राज्यभर के पदाधिकारियों का सम्मेलन रविवार, 6 सितंबर को ठाणे में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया। इस सम्मेलन के माध्यम से पदाधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए कई राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी भूमिका स्पष्ट की। इस दौरान राज ठाकरे ने पुणे के कॉलेज में हुई घटना पर अपनी भूमिका पर बात की। राज ठाकरे ने कहा, हमारे अविनाश जाधव ने सबसे अच्छी दहीहांडी की। नाच, गाने नहीं किए। जय जय महाराष्ट्र की ताल पर युवा नाच रहे थे। बहुत सारी घटनाएं हुईं हैं। कुछ घटनाओं पर सोशल मीडिया पर बात की। रोज लिखने से बेहतर बोलना लगता है। बहुत सारे विषय हैं। पत्रकारों ने मुझसे पूछा। मैंने कहा, ठाणे आइए। कुछ चीजों की शुरुआत करने से पहले बीच में एक मामला हुआ। हमारा अमित पुणे गया था। उस समय नरेंद्र मोदी के फोटो को लेकर विवाद हुआ। छत्रपति शिवाजी महाराज, बाबासाहब आंबेडकर, महात्मा फुले की कतार में कोई बैठ नहीं सकता। सरकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री का फोटो होना चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री हैं। सरकारी कार्यालय, स्कूल होंगे, उन्हें इन बातों का पालन करना चाहिए। कोर्ट, सरकारी प्रतिष्ठानों में भी यह समझना चाहिए। इसलिए अब सुधार करें। मुझे कुछ खतरे दिखाई दे रहें हैं।














