सेवा शर्तों के पालन की मांग तेज, जिप व कलेक्टर कार्यालय पर करेंगे प्रदर्शन
लोकवाहिनी संवाददाता:गोंदिया। ग्रामपंचायत कर्मचारियों की सेवा शर्तों के प्रभावी अमल में विफलता का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र राज्य ग्रामपंचायत कर्मचारी महासंघ ने 11 मई को जिला परिषद और जिलाधिकारी कार्यालय पर धडक मोर्चा व प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यह निर्णय 2 मई को आयोजित बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चत्रुगण लांजेवार ने की, जबकि राज्य महासंघ के कार्याध्यक्ष मिलिंद गणवीर के मार्गदर्शन में चर्चा हुई। इस दौरान जिला पदाधिकारी महेंद्र कटरे, बुधराम बोपचे, महेंद्र भोयर, विनोद शहारे, विष्णू हत्तीमारे, ईश्वरदास भंडारी, दीप्ती राणे और खुशाल बनकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तर पर तीन चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसका पहला चरण 11 मई को राज्यभर में जिला परिषद कार्यालयों पर प्रदर्शन के रूप में होगा।
सेवा शर्तों के पालन को लेकर नाराजगी
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समय पर वेतन व भत्तों का भुगतान (हर माह 5 तारीख से पहले), भविष्य निधि (पीएफ) की नियमित जमा, सेवा पुस्तिका का अद्यतन, सवेतन अर्जित अवकाश, लंबित वेतन अनुदान का भुगतान और पंचायत समिति व जिला परिषद स्तर पर नियमित तक्रार निवारण समितियों की बैठकें शामिल हैं। महासंघ का आरोप है कि इन सभी मुद्दों पर बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिला परिषद के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पंचायत समिति के बीडीओ द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
महासंघ ने सवाल उठाया कि यदि जिम्मेदार अधिकारी ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा? इसी मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नागपुर के विभागीय आयुक्त से संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बैठक में देवेंद्र मेश्राम, माणिक शहारे, गर्जे हिरवानी, मनोज कोंटांगले, गणेश कांबली, निलेश मस्के, सूरज रामटेके, ऋषीपाल डोंगरे समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी व पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस आंदोलन को लेकर जिले में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है।









