मुंबई। शिवसेना उबाठा पार्टी के प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर छत्रपति संभाजीनगर का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने राज्य की राजनीतिक स्थिति, गंभीर मुद्दों, किसानों की समस्याओं सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था कि प्रधानमंत्री मराठवाड़ा से होगा, ऐसी तस्वीर थी। प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे चले गए, जो सत्ता का उपभोग भी नहीं कर सके, गोपीनाथ मुंडे की रहस्यमय मौत हुई। उस समय, प्रमोद महाजन हमें कल के प्रधानमंत्री लगते थे। एक समय ऐसा था कि उन्होंने ऐसा नेता तैयार किया था कि यह मराठवाड़ा देश को प्रधानमंत्री दे सकता है। प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे अप्रत्याशित रूप से हमसे चले गए। प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे ने भाजपा की जड़ें महाराष्ट्र में जमाईं, आज दोनों ही नहीं रहे।
गोपीनाथ मुंडे की मौत का रहस्य अभी तक नहीं सुलझा है। मुझे बुरा क्या लगता है, जो भाजपा की जड़ें लेकर लड़ा, वह सत्ता का उपभोग नहीं कर सका। सत्ता लेकर वह मराठवाड़ा और देश को कुछ दे नहीं सका, यह कसक मेरे मन में है। गोपीनाथ मुंडे के बारे में मुझे इतना बुरा लगता है कि एक दिन भी वे मंत्री के रूप में लोकसभा के सदन में नहीं जा सके। कल रात बोलते क्या हैं, आज सुबह खबर क्या आती है, रहस्यमय मौत… ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने गोपीनाथ मुंडे की मौत को लेकर संदेह जताया। उन्होंने मराठवाड़ा में मुद्दे उठाए, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने गोपीनाथ मुंडे की मौत को लेकर संदेह जताया। बागी सांसदों ने निष्ठा बेच दी, मराठवाड़ा और किसानों के मुद्दों पर आप सड़कों पर उतरें, मोदी-फडणवीस सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालें, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने मराठवाड़ा के शिवसैनिको से किया। 5 अक्टूबर के बाद मैं दौरे पर हूं, हमारे नेता हैं। हम देखेंगे, पंचनामे सही होते हैं या नहीं। पंचनामा सही हो रहा है या नहीं, नुकसान की भरपाई करने की जिम्मेदारी हमारी है, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा। कई मुस्लिम हमारे साथ आए, क्योंकि उन्हें समझ में आया। हमारा मुस्लिम महापौर है, उस पर आलोचना की जा रही है। फिलहाल जान की बाजी लगाकर जरांगे पाटिल आंदोलन कर रहे थे और उपमुख्यमंत्री फॉरेन जाकर पुरस्कार ले रहे थे, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की आलोचना की।
तमाम जातियों से आह्वान करता हूं कि, हम एकजुट होकर एक साथ आएं… क्योंकि सत्ताधारी एक-दूसरे को लड़ा रहे हैं, मराठा-ओबीसी कर रहे हैं। हम एकजुट होकर एक साथ आएंगे तभी सभी समस्याएं हल होंगी। जरांगे पाटिल हमारे हैं, सभी हमारे हैं, हम सभी एक साथ आएंगे, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है।
दक्षिण में जाकर यह बहुभाषी राज्य बोलकर दिखाएं
अमित शाह कहते हैं महाराष्ट्र बहुभाषी राज्य है, क्या वे गुजरात, कर्नाटक और दक्षिण भारत में जाकर यह बोल सकते हैं? यहां बोल सकते हैं क्योंकि बगल में ये गद्दार, लंपट बैठे थे। यह अमित शाह छाती ठोंककर बोलता है और आप सुनते हैं और ये बालासाहेब के विचार कहते हैं, ऐसा कहते हुए एकनाथ शिंदे को फिर निशाना बनाया। एक समय ऐसा था कि प्रधानमंत्री मराठवाड़ा से होगा ऐसी तस्वीर थी। प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे चले गए, जो सत्ता का उपभोग भी नहीं कर सके। मुंडे की रहस्यमय मौत हुई, उन्होंने मराठवाड़ा में मुद्दे उठाए, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने गोपीनाथ मुंडे की मौत को लेकर सार्वजनिक रूप से संदेह जताया।
जेन-जी ने सरकार को घुटनों पर ला दिया
जेन-जी के लड़के ने सरकार को घुटनों पर ला दिया, अभिजीत दिपके संभाजीनगर का है, पहले दिन से हमने उसका समर्थन किया। चिंगारी जैसी युवा पीढ़ी होती है, आप तय करें कि ये मैं करके ही रहूंगा, क्या देवेंद्र फडणवीस को बताने वाले हैं? अगली सत्ता नहीं देखेंगे। कल से पंचनामा की तैयारी करें, ये सैटेलाइट से पंचनामा करने वाले हैं, अब सैटेलाइट से पता चलेगा क्या कि मूंगफली की फलियां नीचे लगती हैं या ऊपर से? पांच तारीख के बाद मैं खुद आपके बांध पर आने वाला हूं।
उद्धव ठाकरे का आंदोलन यानी नाकाम लोगों का आंदोलन : मुख्यमंत्री
उद्धव ठाकरे के तुमसे ना हो पायेगा आंदोलन यानी नाकाम लोगों का आंदोलन होने का तंज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कसा है। इनके हाथ में सत्ता रहते इन्होंने क्या किया? ये नाकाम होने के कारण कुछ नहीं कर सके, हमने पहले भी करके दिखाया और आगे भी करके दिखाएंगे। इस पर पलटवार करते हुए उबाठा नेता अंबादास दानवे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो-जो घोषणाएं की थीं वे सभी झूठी हैं, कई योजनाएं रद्द करने वाले अगर नाकाम कहते हैं तो हमारी नजर में वे मर्द कहलाने के योग्य नहीं हैं। वहीं एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा कि उद्धव ठाकरे मराठवाड़ा की मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली बार इस मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के कार्यक्रम में मंच पर खड़े होकर जो आश्वासन दिए थे, उनमें से कितने आश्वासन पूरे हुए? लोकतंत्र में किसी को तो सवाल पूछना चाहिए, आज उद्धवरह रहे हैं, स्वाभाविक है वे आज पोस्टमार्टम करेंगे। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उद्धव ठाकरे के आंदोलन का समर्थन करेंगे क्योंकि वे मराठवाड़ा के विकास के पक्ष में हैं। पानी और विकास के मुद्दे राजनीति से संबंधित नहीं हैं। हमें उन्हें समर्थन दे रहे हैं।














