बाल-बाल बचे शिक्षक, विद्यार्थियों के बाहर पढ़ने से टला बड़ा हादसा
लोकवाहिनी संवाददाता
देवरी। देवरी पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले मासुलकसा गांव की जिला परिषद प्राथमिक स्कूल की एक कक्षा की छत का स्लैब गुरुवार दोपहर अचानक गिर गया। घटना के समय कुछ शिक्षक प्रशासनिक कार्य के लिए कक्षा में बैठे थे। गनीमत रही कि किसी शिक्षक को चोट नहीं आई। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए विद्यार्थी पहले से ही कक्षा के बाहर पेड़ के नीचे या बरामदे में पढ़ रहे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद जिला परिषद स्कूलों की बदहाल स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।
मासुलकसा की इस स्कूल में पहली से चौथी कक्षा तक पढ़ाई होती है। यहां करीब 40 विद्यार्थी और दो शिक्षक कार्यरत हैं। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग और पंचायत समिति प्रशासन को पहले भी कई बार जानकारी और शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद भवन की मरम्मत या विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित व्यवस्था करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार दोपहर स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान छत का स्लैब अचानक नीचे आ गिरा। उस समय शिक्षक कक्षा में मौजूद थे। संयोग से किसी को चोट नहीं लगी। हालांकि, यदि विद्यार्थी रोजाना की तरह कक्षा के भीतर बैठे होते और उसी समय स्लैब गिरता, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
‘बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा प्रशासन?’
घटना से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के सिर पर सुरक्षित छत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा? ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक विद्यार्थियों के लिए नई और सुरक्षित जगह की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक इस मुद्दे को लेकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।













