ग्लासगो। हरजिंदर कौर ने भारोत्तोलन के महिलाओं के 69 किग्रा वजन वर्ग में रजत पदक जीता जबकि गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में दूसरा स्थान हासिल किया जिससे भारत मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में दो पदक जीतने में सफल रहा। मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को तीन और पदक पक्के किए। मुक्केबाजी में अब भारत के चार पदक पक्के हो गए हैं क्योंकि अनुभवी लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल से अपना अभियान शुरू करेंगी जिससे उनका भी पदक पहले से ही पक्का है। एशियाई खेलों की कांस्य विजेता मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया धंधास (60 किग्रा) और जादुमणि सिंह (55 किग्रा) ने अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिए।
भारत खबर लिखे जाने तक दो स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य पदक सहित कुल 12 पदक जीतकर तालिका में नौवें स्थान पर है। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 71 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली 29 वर्षीय हरजिंदर ने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए भारोत्तोलन में भारत के लिए मौजूदा खेलों का सातवां पदक हासिल किया।
हरजिंदर ने स्पर्धा के दौरान तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जो पिछले चार साल में उनकी प्रगति को दर्शाता है। पंजाब के नाभा की रहने वाली पांच फीट तीन इंच की हरजिंदर ने स्नैच में दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बेहतर किया। उन्होंने पहले 99 किग्रा वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया और फिर अंतिम प्रयास में 101 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद क्लीन एवं जर्क में भी उन्होंने रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने पहले 123 किग्रा और फिर 126 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया जिससे उनका कुल वजन 227 किग्रा रहा। हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बाबजूद कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सिमोनो ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 132 किग्रा वजन उठाकर कुल 240 किग्रा का नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाया। वह हरजिंदर से 13 किग्रा आगे रहीं। गुलवीर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पुरुष 10 हजार मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। गुलवीर ने अंतिम लैप में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकेंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत की झोली में रजत पदक डाला। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिंसन ने 27 मिनट 48.93 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
महिलाओं की ऊंची कूद में भारत को निराशा हाथ लगी जब एशियाई चैंपियन पूजा सिंह 1.82 मीटर की ऊंचाई पार करने में सफल रहीं और प्रतियोगिता से बाहर हो गई। 19 वर्षीय पूजा का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण था। भारी बारिश के कारण प्रतियोगिता कुछ समय के लिए बाधित भी हुई। खेल दोबारा शुरू होने के बाद भी पूजा अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 1.82 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सकीं जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया। मुक्केबाजी में महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में उतरीं 22 वर्षीय प्रीति पवार ने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मति फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश कर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में मौजूदा एशियाई चैंपियन 20 वर्षीय प्रिया धंधास ने स्कॉटलैंड की स्थानीय दावेदार नियाम मिशेल को 4-1 के खंडित फैसले से हराया। पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दिन का तीसरा पदक पक्का किया। जादुमणि ने क्वार्टरफाइनल में जाम्बिया के म्वेंगे मवाले को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। पूर्व एशियाई चैंपियन और विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा को हालांकि महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा जबकि कपिल पोखरिया का राष्ट्रमंडल खेलों में अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया।
उन्हें पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में रॉबर्ट मैकनल्टी के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में सर्वसम्मति फैसले से हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश की पदक उम्मीदों को जीवित रखा। इस स्पर्धा में एक अन्य भारतीय राजेश रमेश अगले दौर में जगह बनाने से चूक गए।













