लोकवाहिनी, संवाददाता:पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले में चार साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। इस जघन्य अपराध को लेकर व्यापक पैमाने पर आक्रोश फैल गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को कहा, ‘दो महिलाओं सहित छह पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। जांच की प्रगति के आधार पर हम और अधिक अधिकारियों और कर्मियों को शामिल करेंगे। यह टीम मामले की गहन जांच करेगी।
पुणे जिले की भोर तहसील के एक गांव में चार साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोप में 65 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर शुक्रवार को लड़की को खाने का लालच दिया और उसे एक पशु बाड़े में ले गया, जहां उसने कथित तौर पर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया और बाद में पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। अदालत ने आरोपी को सात मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस अपराध के खिलाफ पर बड़े पैमाने पर आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को मौत की सजा देने की मांग की है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) विधायक रोहित पवार, शिवसेना नेता और विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे और भाजपा की राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी सहित विभिन्न दलों के कई नेताओं ने पीड़िता के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की है। इस बीच, बच्ची के पिता ने नेताओं से अपील की कि जब तक आरोपी को फांसी नहीं दे दी जाती, तब तक वे उनसे मिलने न आएं। पिता ने एक वीडियो संदेश में कहा, “जब मैं अपनी बेटी की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा, तो मुझे परिवार के सदस्यों के फोन आए कि कई नेता हमारे घर शोक संवेदना व्यक्त करने आ रहे हैं। मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता, जब तक उस आरोपी को फांसी नहीं हो जाती, कृपया मेरे घर न आएं। यह एक विनम्र निवेदन है।” उन्होंने कहा कि हम नेताओं या किसी अन्य व्यक्ति से, जो हमसे मिलना चाहता है, तभी मिलेंगे जब आरोपी को फांसी दे दी जाएगी।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले के आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए ‘रिकॉर्ड समय’ में मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाएगा। इस घटना से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने शनिवार को पुणे में मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को लगभग चार घंटे तक अवरुद्ध रखा था। बच्ची के परिवार के सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शनिवार शाम को नवाले ब्रिज क्षेत्र में शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और 65 वर्षीय आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को पुणे ग्रामीण पुलिस को निर्देश दिया कि इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाकर एक बेहद मजबूत मामला तैयार किया जाए तथा मुकदमे की सुनवाई त्वरित अदालत में कराई जाए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, शिंदे ने निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आरोपी को अधिकतम सजा, यानी फांसी की सजा मिले।
दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के मामले में मृत्युदंड की मांग करेंगे
लोकवाहिनी, संवाददाता | मुकदमे की सुनवाई में तेजी से होगी : मुख्यमंत्री फडणवीस
नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि सरकार पुणे में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या के मामले के आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाएगी। पुणे जिले की भोर तहसील में एक मई को एक बच्ची की यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गयी थी और पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना से क्षेत्र में व्यापक आक्रोश फैल गया और सैकड़ों ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की और राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा कि उन्होंने बच्ची के परिवार से बात की और उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा, मैंने बच्ची के पिता से दो बार बात की और उन्हें बताया कि हम आरोपियों को मौत की सजा दिलाने के लिए काम करेंगे। तदनुसार, हम मामले की सुनवाई में तेजी लाएंगे और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा करेंगे। फडणवीस ने कहा कि जघन्य अपराधों के मामलों में भले ही लोगों को आरोपियों को सरेआम फांसी देने का मन करता हो लेकिन कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सही तरीके से पूरी की जाएगी ताकि बाद में दुरुपयोग के लिए कोई खामी न रह जाए और राज्य सरकार आरोपी को मृत्युदंड दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार को पत्र लिखकर उन्हें समर्थन का आश्वासन भी दिया है।









