मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी
लोकवाहिनी, संवाददाता
वडीगोद्री। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने बुधवार को सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए, ‘हमारे बताए पूरे मसौदे को लागू करें। आंदोलन को कुचलने की कोशिश न करें, ऐसी चेतावनी दी। रद्द किए गए चार प्रमाणपत्रों को वैध किया जाए, 58 लाख रिकॉर्ड के आधार पर आज से जाति प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू किया जाए, साथ ही हैदराबाद गजट के अनुसार प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू करने की मांग उन्होंने की।
जरांगे ने कहा, फिलहाल ऊंट पर बैठकर बकरियां हांकने का काम चल रहा है। सरकार को आंदोलन स्थल पर आकर केवल चर्चा करने के बजाय मांगों के संबंध में ठोस निर्णय लेना चाहिए। सातारा और कोल्हापुर संस्थान से संबंधित जीआर जारी किए जाएं। ईसीबीसीसी के माध्यम से नियुक्तियां हुए बच्चों को नियुक्तियां दी जाएं। सारथी और महामंडल के रिफंड दिए जाएं। सरकार की ओर से मसौदे पढ़ा है या नहीं और वह मंजूर है या नहीं, ऐसा सवाल बार-बार पूछे जाने पर जरांगे ने नाराजगी व्यक्त की। क्या आप मेरी तबीयत और खराब होने का इंतजार कर रहे हैं? व्यक्ति के बेहोश होने के बाद आकर पूछेंगे कि मसौदा पढ़ा है या नहीं?
ऐसा सवाल उन्होंने किया। मराठा समाज को सरकार धोखा देने वाली है, ऐसा आरोप लगाते हुए, मराठों के साथ ओबीसी समाज को भी धोखा दिया जा रहा है। सभी जातियों को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रुख अपनाना चाहिए, ऐसा आह्वान भी मनोज जरांगे ने किया। आपको जीआर जारी करने हैं तो जारी करें। उसमें कुछ गलती हुई तो संशोधित जीआर जारी करें। गांव-गांव कैंप लगाएं और जाति प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू करें। सातारा और कोल्हापुर संस्थान का मसौदा अभी तक नहीं दिया गया है, ऐसा आरोप लगाते हुए, चार प्रमाणपत्रों का मुद्दा पहले सुलझाने की मांग उन्होंने की। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में पूछे जाने पर, उनकी राजनीति से हमें कोई लेना-देना नहीं है, ऐसा जरांगे ने कहा। सरकार द्वारा मांगों पर निर्णय लेना महत्वपूर्ण है, यह उन्होंने स्पष्ट किया।











