सरकार के 4 बड़े फैसले, शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार को बढ़ावा
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग के लिए आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के अनशन की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मराठा, कुणबी और एसईबीसी वर्ग के विद्यार्थियों तथा युवाओं को शैक्षणिक छूट, छात्रावास निर्वाह भत्ता, विदेश में शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से चार स्वतंत्र सरकारी आदेश (GR/पत्र) जारी किए गए हैं। मराठा आरक्षण की मांग की पृष्ठभूमि में राज्य सरकार द्वारा जारी इन चार फैसलों में शैक्षणिक छूट, लंबित छात्रावास निर्वाह भत्ता, विदेश में शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति में सुधार और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण इन चार प्रमुख बातों पर जोर दिया गया है। इसलिए मराठा, कुणबी और संबंधित एसईबीसी वर्ग के विद्यार्थियों एवं युवाओं को इन फैसलों का सीधा लाभ मिलेगा।
इन फैसलों के कारण मराठा समाज के विद्यार्थियों को शिक्षा के विभिन्न चरणों में आर्थिक और शैक्षणिक सहायता मिलेगी। विदेश में उच्च शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति के नियमों में बदलाव किया गया है, और मराठा व कुणबी युवाओं के लिए मुफ्त ड्राइविंग और कंडक्टर प्रशिक्षण का रास्ता भी साफ किया गया है। तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीई) ने राज्य के सभी विभागीय कार्यालयों और विश्वविद्यालयों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इसके अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मराठा समाज के विद्यार्थियों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों की तरह शैक्षणिक छूट और सुविधाओं का लाभ देने के आदेश दिए गए हैं। इस फैसले को तत्काल लागू करने के निर्देश संबंधित तंत्रों को दिए गए हैं। इसलिए तकनीकी शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों में शिक्षा लेने वाले मराठा समाज के विद्यार्थियों को ओबीसी वर्ग के अनुसार उपलब्ध शैक्षणिक छूट का लाभ मिलेगा।
मुफ्त ड्राइविंग और कंडक्टर प्रशिक्षण
सारथी संस्था ने आईडीटीआरएस, पिंपरी-चिंचवड के साथ समझौता किया है। इस समझौते के अनुसार मराठा और कुणबी समाज के 1,440 युवाओं को मुफ्त ड्राइविंग और कंडक्टर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में एलएमवी और एचएमवी ड्राइविंग के साथ कंडक्टर प्रशिक्षण भी शामिल है। इस पहल के लिए सारथी संस्था ने कार्यारंभ आदेश भी जारी किया है। यह प्रशिक्षण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। विशेष रूप से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कम से कम 1,000 लाभार्थियों को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
छात्रावास निर्वाह भत्ते के लिए 200 करोड़ का फंड
ईबीसी, ईडब्ल्यूएस और एसईबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लंबित छात्रावास निर्वाह भत्ते के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये का फंड मंजूर कर वितरित करने के आदेश दिए हैं। मानसून सत्र की अनुपूरक मांग के माध्यम से यह फंड उपलब्ध कराया गया है। इसलिए छात्रावास में रहकर शिक्षा लेने वाले और निर्वाह भत्ते की प्रतीक्षा कर रहे संबंधित वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।













