जून-जुलाई में भी हीटवेव चलेगी, इस साल 90% कम बारिश का अनुमान : मौसम विभाग
लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भारत में मौसमी वर्षा, दीर्घकालिक औसत की 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसमें मॉडल त्रुटि चार प्रतिशत बताई गई है। वहीं देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरल तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं। केरल के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। ताजा अनुमान के मुताबिक अब यह 7 दिन बाद केरल तट पर पहुंचेगा।
यानी, पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि जून में देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। महापात्रा ने कहा, जून के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों तथा महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू वाले दिन रहने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने एक बयान में कहा, देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून जोन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी वर्षा सामान्य से कम (एलपीए के 94 प्रतिशत से कम) रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जून महीने में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, यानी यह एलपीए के 92 प्रतिशत से कम हो सकती है। यदि मानसून मौसम में वर्षा एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो आईएमडी उसे अल्प वर्षा की श्रेणी में रखता है। केरल में मानसून के आगमन को लेकर महापात्रा ने कहा इसके अगले सात दिनों में पहुंचने की संभावना है।













