पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सुगबुगाहट के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को महिलाओं के लिए एक बड़ा आर्थिक तोहफा दिया। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तीसरे चरण के तहत उन्होंने 21 लाख लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी। इस तरह राज्य सरकार ने कुल 2,100 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया है। मुख्यमंत्री ने यह राशि अपने आवास ‘1 अणे मार्ग’ स्थित संकल्प सभागार से रिमोट के माध्यम से भेजी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वह अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर सके। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रारंभिक सहायता के रूप में 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं और व्यवसाय शुरू करने के बाद मूल्यांकन कर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी तथा राज्य में रोजगार के नए अवसर खोलेगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में की थी। उस दिन प्रधानमंत्री ने 75 लाख महिलाओं के खातों में 7,500 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की थी। इसके बाद नीतीश कुमार ने 3 अक्टूबर को 25 लाख महिलाओं के खातों में 2,500 करोड़ रुपये भेजे थे। अब तीसरे चरण में 21 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिला है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत कुल 1 करोड़ 21 लाख महिलाओं के खातों में 10,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की शुरुआत के समय कहा था कि बिहार की महिलाएं नीतीश और मोदी को अपने ‘दो भाई’ मान सकती हैं, जो उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की ग्रामीण और अर्धशहरी महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी बड़ा कदम है।
कार्यक्रम के दौरान ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। साथ ही बांका जिले की ‘शीतला जीविका समूह’ से जुड़ी लाभार्थी ललिता सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस योजना से उनके समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।
इसी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना मेट्रो ब्लू लाइन के पहले चरण का उद्घाटन भी किया। यह लाइन पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ स्टेशन तक लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी है। इससे पटना शहर को आधुनिक परिवहन सुविधा की नई सौगात मिली है। इसके अलावा मुख्यमंत्री आज मुजफ्फरपुर में लगभग 300 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी मौसम में महिलाओं पर केंद्रित इस तरह की योजनाएं न केवल राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद प्रभावी साबित हो सकती हैं। बिहार की महिला मतदाता संख्या को देखते हुए नीतीश कुमार का यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी सबसे बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।











