जिले में 764 स्थानों पर स्थापना
लोकवाहिनी संवाददाता
वाशिम। ‘सुखकर्ता दुखहर्ता गणराया’ के जयघोष, गुलाल और ढोल-ताशों की गूंज के बीच 14 सितंबर को शहर सहित जिले में सार्वजनिक गणेश मंडलों और घर-घर में भगवान श्री गणेश का हर्षोल्लास के साथ आगमन हुआ। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गणराय की स्थापना की गई। बप्पा के आगमन से पूरे जिले में मंगलमय, चैतन्य और भक्तिमय वातावरण बन गया। सोमवार से विघ्नहर्ता भगवान गणेश के उत्सव की शुरुआत हुई। इस वर्ष जिले में 764 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इनमें 228 गांवों ने ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना को प्राथमिकता दी है। गांवों में एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित कर सामाजिक एकता, शांति और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। कारंजा ग्रामीण पुलिस थाने के अंतर्गत 36 गांवों में ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना लागू की गई है।
इसी तरह वाशिम ग्रामीण क्षेत्र के 25, शिरपुर के 24, मानोरा के 32 और मंगरुळनाथ ग्रामीण पुलिस थाने के अंतर्गत 21 गांवों ने इस पहल को स्वीकार किया है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भी भक्तिमय माहौल देखने को मिला। गणेशोत्सव के उत्साह में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी सराबोर नजर आए। विभिन्न गणेश मंडलों ने आकर्षक विद्युत रोशनी और सजावट की है। शहर के आंबेडकर चौक से नगर परिषद रोड तक का मार्ग गणेश प्रतिमाओं से सजा नजर आया, जिससे बाजारपेठ में उत्सव का रंग और गहरा हो गया। सुबह से ही ‘विघ्नहर्ता बप्पा’ की प्रतिमाएं खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बाजार में उमड़ पड़ी। तरह-तरह की आकर्षक प्रतिमाओं से बाजार सजा हुआ था। अपने मंडल का गणपति सबसे आकर्षक दिखे, इसके लिए गणेश मंडलों में भी उत्साह और प्रतिस्पर्धा दिखाई दी। महंगाई के बावजूद बड़ी और आकर्षक प्रतिमाएं खरीदने के लिए मंडलों में होड़ रही। प्रतिमाओं की कीमत 100 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक रही। कई मंडलों ने अपने लाडले बप्पा को ऑटो रिक्शा, ट्रैक्टर और ट्रक पर विराजमान कर ढोल-ताशों की गूंज के बीच गुलाल और पुष्पवर्षा करते हुए भव्य जुलूस निकाला। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। विभिन्न गणेश मंडलों की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी सार्वजनिक गणेश मंडलों ने उत्साहपूर्वक गणराय की स्थापना की।
पुलिस का कड़ा बंदोबस्त
गणेशोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे के मार्गदर्शन में पुलिस प्रशासन सतर्क है। उपविभागीय पुलिस अधिकारियों, संबंधित पुलिस थानों के थानेदारों सहित पुलिसकर्मियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है। महाराष्ट्र के सबसे बड़े सार्वजनिक उत्सवों में शामिल गणेशोत्सव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।











