लोकवाहिनी संवाददाता
गढ़चिरोली। जिले के देसाईगंज तहसील अंतर्गत कोंढाला क्षेत्र के सिंद्राई रेत घाट पर गुरुवार, 25 जून को अवैध रेत उत्खनन के दौरान एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। रेत निकालने के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीन की चपेट में आने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मृतक की पहचान विलास महादेव देवढगले (34), निवासी जुनी वडसा के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिंद्राई घाट पर बड़े मशीनों की सहायता से अवैध रूप से रेत निकालकर ट्रैक्टरों में भरने का काम चल रहा था। इसी दौरान चालक एवं मजदूर के रूप में कार्यरत विलास देवढगले अचानक रेत उत्खनन मशीन के नीचे दब गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही देसाईगंज पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को कब्जे में लिया। ग्रामीण अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले को लेकर देसाईगंज के पुलिस निरीक्षक अजय जगताप ने बताया कि मजदूर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां भारी वाहनों और मशीनों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे अवैध रेत उत्खनन की गतिविधियों की पुष्टि होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई और मजदूर के वाहन से गिरने के कारण मौत होने की कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया। हालांकि, घटना की जानकारी फैलते ही यह प्रयास विफल हो गया।
इस बीच, देसाईगंज के उपविभागीय अधिकारी प्रसेनजित प्रधान ने कहा कि सिंद्राई घाट पर अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद भी रेत उत्खनन कैसे और किसकी अनुमति से जारी था, इसकी गहन जांच के आदेश तहसीलदार को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रेत खनन की गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं और जिम्मेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।












