महिला पहलवान फैसले को उच्च अदालत में देंगी चुनौती
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट सहित छह महिला पहलवानों द्वारा दायर किये गए यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने इस चर्चित मामले में फैसला सुनाया। सिंह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद हैं, जबकि तोमर डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव हैं। विनेश फोगाट ने कहा कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का निर्देश दिया है और यह अपील यथाशीघ्र दाखिल की जाएगी। बृजभूषण शरण सिंह की ओर से पेश हुए अधिवक्ता राजीव मोहन ने कहा कि अदालत ने गवाहों के बयानों में मौजूद विसंगतियों और विरोधाभासों पर गौर किया और इसके आधार पर बृजभूषण शरण सिंह तथा विनोद तोमर को बाइज्जत बरी कर दिया। महिला पहलवानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने पैरवी की, जबकि बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन, ऋषभ भाटी और रेहान खान अदालत में पेश हुए। फैसले के बाद खुश नजर आ रहे बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी कर दिया है। उन्होंने कहा, पहले ही दिन मैंने कहा था कि यदि मेरे खिलाफ लगाया गया कोई भी आरोप साबित हो जाए, तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।












