मुंबई। महाराष्ट्र की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष (2025-26) में 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो देश की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के अनुमान (7.4 प्रतिशत) से अधिक है। राज्य विधानसभा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करते हुए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को ‘अनस्टॉपेबल’ (अजेय) बताया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र देश के औद्योगिक और आर्थिक ‘पावर हाउस’ के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है। गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि राज्य का बाजार मूल्य पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2025-26 में 51.01 लाख करोड़ रुपये होने, जबकि स्थिर कीमतों पर वास्तविक GSDP 28.82 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
सेवा क्षेत्र का दबदबा
सेवा क्षेत्र (Service Sector) राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान देने वाला बना हुआ है। इस क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में लगभग 60 प्रतिशत योगदान है। वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की अगुवाई में इस क्षेत्र में 2025-26 में लगभग 9 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। समीक्षा के दौरान उद्योग क्षेत्र की वृद्धि 5.7 प्रतिशत और कृषि व संबद्ध गतिविधियों की वृद्धि 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
कृषि और मानसून का प्रभाव
कृषि क्षेत्र में 2025 में मानसून की अनुकूल परिस्थितियां देखी गईं। राज्य में मानसून की अवधि के दौरान सामान्य वर्षा का 109.1 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जिससे कई क्षेत्रों में फसल उत्पादन को लाभ हुआ।
देश की जीडीपी में योगदान
समीक्षा के अनुसार, 2024-25 में भारत के बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक है। यह राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में राज्य के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।












