मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मंगलवार को 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफी को मंजूरी दे दी। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले से 56 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। किसानों के कर्जमाफी की कुल राशि 36,585 करोड़ रुपये है। हालांकि कर्ज माफी को मंजूरी जरूर मिल गई है, लेकिन विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता के चलते इसकी घोषणा नहीं की गई है।
मानसून के मौसम से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। कृषि ऋण माफी 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा नीत महायुति गठबंधन के प्रमुख वादों में से एक थी। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि विधान परिषद चुनावों के चलते आचार संहिता लागू होने के कारण फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस योजना के दायरे में 65 लाख से अधिक ऋण खाते आएंगे और करीब 56 लाख किसानों के 36,585 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए जाने की उम्मीद है। कैबिनेट ने नियमित रूप से कृषि कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान देने का भी निर्णय लिया है।
बता दें कि खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों के बाद 21 मई को सीएम देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि सभी पात्र किसानों को 30 जून से पहले उनके ऋण माफी प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा था कि इस समयबद्ध कार्यान्वयन से किसानों के लिए आगामी कृषि सीजन के लिए नया कर्ज लेने का रास्ता साफ होगा। सीएम ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश दिया था कि वे अपने निर्धारित कृषि ऋण वितरण लक्ष्यों का कम से कम 80 प्रतिशत सख्ती से हासिल करें। राज्य सरकार ने पहले ऋण माफी योजना की घोषणा की थी, लेकिन कार्यान्वयन की कोई विशिष्ट तारीख न होने के कारण किसानों और बैंकिंग संस्थानों दोनों के बीच काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। महाराष्ट्र लंबे समय से किसान आत्महत्याओं और कृषि संकट की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में यह निर्णय किसानों और विभिन्न किसान संगठनों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को इस योजना से आर्थिक राहत मिलने और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद है।
योजना मंजूर, लेकिन घोषणा नहीं : फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह किसान कर्जमाफी पर बोलते हुए अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा था कि किसान कर्जमाफी पर आज कैबिनेट की बैठक होगी। ऋण माफी के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन कोई घोषणा नहीं होगी। फडणवीस ने कहा था कि चुनाव आयोग ने हमसे कर्ज माफी की घोषणा नहीं करने का कहा है। इसलिए भले ही कर्जमाफी को मंजूरी मिल गई हो, लेकिन इसकी कोई घोषणा नहीं होगी।
2 लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए जाएंगे
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नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा।
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यह फैसला राज्य बजट की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है।
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कर्जमाफी पर राज्य सरकार का लगभग 36,585 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। राज्यभर के 65 लाख से अधिक कर्ज खातों को इसका लाभ मिलेगा।
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करीब 56 लाख किसानों को इस योजना से फायदा होने की उम्मीद है।
मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं : किसान नेता
किसान सभा के अजित नवले ने बताया कि किसान सभा और बाकी किसान संगठनों के लगातार आंदोलनों के चलते, आखिरकार आज महाराष्ट्र सरकार ने अपनी मंत्रिमंडल की बैठक में किसान कर्जमाफी को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र किसान सभा की तरफ से मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। लेकिन, इस निर्णय के साथ कर्जमाफी की शर्तें क्या होगी, किन किसानों को इसका लाभ मिलेगा, कितनी रकम माफ होगी और किन्हें इससे बाहर रखा जाएगा। इन सभी बातों को बताने से सरकार बच रही है। इसके लिए फिलहाल आचार संहिता का बहाना बनाया जा रहा है। हम किसान सभा की ओर से यह चेतावनी देते हैं कि इस निर्णय के अमल में किसी भी तरह की अपारदर्शिता (छिपाव) किसानों के लिए बहुत खतरनाक साबित होगी। मैं सरकार से मांग करता हूं कि वे आचार संहिता के पीछे न छुपें, पूरी पारदर्शिता बरतें और इस योजना की सभी शर्तों को जल्द से जल्द जनता के सामने जाहिर करें।













