मंत्रिमंडल की बैठक में 8 बड़े फैसले, एसटी की जमीनों का होगा विकास
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में पालघर के दापचरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कृषि बाजार स्थापित करने से लेकर राज्य के लाखों किसानों को फसल ऋण में प्रोत्साहन लाभ देने तक के कई निर्णयों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही शहरी संस्थाओं की संपत्ति मुद्रीकरण नीति और एसटी महामंडल की जमीनों के विकास के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। फसल ऋण के संबंध में लिए गए निर्णय से किसानों को बड़ा लाभ हुआ है। साथ ही गौण खनिज उत्खनन नियम, 2013 में आवश्यक संशोधन करने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान ऋणमुक्ति योजना- 2026 के मानदंडों में सुधार। 2029 की ऋणमाफी योजना में लगभग 13 लाख किसानों के लिए पचास हजार रुपये तक की सीमा को रद्द कर नियमित ऋणमाफी। वर्ष 2026-27 में नियमित पुनर्भुगतान की शर्त रद्द किए जाने से 23 लाख किसानों को भी प्रोत्साहन लाभ मिलेगा। वहीं पालघर जिले के मौजे दापचरी (ता. डहाणू) स्थित डेयरी परियोजना की 558.43 हेक्टेयर जमीन महाराष्ट्र राज्य कृषि पणन महामंडल को देने की मंजूरी दी गई है। इस विशाल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक कृषि बाजार स्थापित किया जाएगा और विपणन से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसका सीधा लाभ पालघर, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों के हजारों किसानों को मिलेगा तथा उनके कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना आसान होगा।
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के लिए संपत्ति मुद्रीकरण नीति राज्य की महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की संपत्तियों के लिए विशेष मुद्रीकरण नीति को मंजूरी दी गई है। इस पारदर्शी नीति के माध्यम से शहरी संस्थाएं अपनी संपत्तियों के अल्पकालीन और दीर्घकालीन नियोजन द्वारा आय के नए और स्थायी स्रोत तैयार कर सकेंगी। इसके साथ ही शहरों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए बाजार आधारित वित्त उपलब्ध कराने वाला ‘अर्बन चैलेंज फंड अभियान’ राज्य में लागू करने का निर्णय भी लिया गया है।
बीड जिला खेल परिसर के लिए लगभग 25 करोड़ मंजूर: बीड जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जिला खेल परिसर के 24 करोड़ 95 लाख रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इसमें सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल और हॉकी मैदान, वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो मैदान, इनडोर हॉल भवन का आधुनिकीकरण, खिलाड़ियों के छात्रावास की तीसरी मंजिल का निर्माण और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं शामिल हैं।
एसटी महामंडल की अतिरिक्त जमीनों का पीपीपी मॉडल पर विकास: आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल को मजबूती देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। एसटी की राज्यभर में जिला, तालुका और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अतिरिक्त जमीनों और बस अड्डों का ‘सार्वजनिक निजी भागीदारी’ (पीपीपी) सिद्धांत पर विकास करने को मंजूरी दी गई है। इससे यात्रियों को आधुनिक बस अड्डे मिलेंगे और महामंडल की आय में वृद्धि होगी। (पेज 6 पर)
रोहित पवार नहीं, रणधीर सावरकर को कर्जमाफी का क्रेडिट!
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में किसान कर्जमाफी के लिए निर्धारित मानदंडों में कुछ बदलाव किए हैं। सरकार ने कर्जमाफी के लिए 50 हजार रुपये की सीमा हटा दी है। इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को बड़ा फायदा होगा। इसी मुद्दे पर अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की है। उन्होंने सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का श्रेय विधायक रोहित पवार को न देते हुए किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया है। हमने विशेष मामले के तौर पर 50 हजार रुपये की सीमा रखकर ऐसे किसानों को भी कर्जमाफी देने का फैसला किया था। लेकिन रणधीर सावरकर के नेतृत्व में सत्ताधारी दल के विधायक मुझसे मिले। उन्होंने मुझसे 50 हजार रुपये की सीमा हटाने और किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने की मांग की। इसलिए राज्य के इतिहास में इससे पहले की कर्जमाफी योजनाओं में पात्र ठहराए गए किसानों को भी इस बार की कर्जमाफी योजना में शामिल किया गया है, ऐसी जानकारी फडणवीस ने दी।













