द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया
द हेग। वैश्विक भू-राजनीति में बदलावों के बीच भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के उनके समकक्ष रॉब जेटेन के बीच हुई वार्ता के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। शनिवार शाम को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेष रूप से क्षेत्र और व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी क्योंकि इसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क में व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं।
एक संयुक्त बयान के अनुसार, मोदी और जेटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर स्वतंत्र नौवहन और वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन का आह्वान किया। उन्होंने किसी भी तरह के “प्रतिबंधात्मक” कदमों का विरोध किया और इस संबंध में जारी पहलों के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की जो रूस के साथ जारी संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाक्रमों से प्रभावित है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
मोदी ने प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से यूरोप के चार देशों की अपनी यात्रा के तहत शुक्रवार को नीदरलैंड की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। मोदी-जेटेन वार्ता के बाद, भारत और नीदरलैंड ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा तथा सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक “रणनीतिक साझेदारी रूपरेखा” की शुरुआत की।
नीदरलैंड से 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज भारत आएंगे
इससे पहले मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान 11वीं सदी की ऐतिहासिक चोल ताम्र पत्रिकाओं को भारत लाने पर समझौता हुआ। ये करीब 1000 साल पुराने तमिल दस्तावेज हैं, जिनमें चोल साम्राज्य से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी है। समझौते के तहत 11वीं सदी की चोल ताम्र पत्रिकाएं जल्द भारत लाई जाएंगी। यह 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटों का संग्रह है। इनमें ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं। मोदी ने कहा कि इन पत्रिकाओं में राजा राजेंद्र चोल प्रथम और उनके पिता राजा राजराजा चोल प्रथम से जुड़ी जानकारी दर्ज है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के बीच भी समझौता
द हेग में आयोजित एक कार्यक्रम में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच कंपनी एएसएमएल के बीच भी समझौता हुआ। यह करार सेमीकंडक्टर और चिप तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए है। एएसएमएल दुनिया की प्रमुख चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में शामिल है, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है।













