यह मौजूदा डील का हिस्सा नहीं, अमेरिका के दावे को ईरान ने किया खारिज
तेल अवीव/तेहरान:अमेरिका और ईरान के बीच जब-जब समझौते को अंतिम रूप देने की बात सामने आती है, तभी कुछ ऐसा हो जाता है, जिससे पता चलता है कि मिडिल ईस्ट की जंग खत्म होना कितनी दूर की कौड़ी है। एक तरफ अमेरिका कह रहा है कि ईरान एनरिच्ड यूरेनियम को छोड़ने के लिए राजी हो गया है। वहीं ईरान ने अमेरिका के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रॉयटर्स के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने दावा किया है कि ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को देश से बाहर भेजने पर कोई सहमति नहीं दी है।
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम भंडार अमेरिका को नहीं सौंपेगा। रॉयटर्स के मुताबिक, एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा है कि मौजूदा शुरुआती समझौते में परमाणु मुद्दा शामिल ही नहीं है। सूत्र के मुताबिक, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार पर बातचीत बाद में अंतिम समझौते के दौरान होगी। फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है कि यूरेनियम देश से बाहर भेजा जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल कहा था कि अमेरिका ईरान को हाईली एनरिच्ड यूरेनियम रखने नहीं देगा। उन्होंने कहा था कि हम उसे हासिल करेंगे, इसे ईरान को नहीं रखने देंगे। (पेज 6 पर)
ईरान की परमाणु ताकत नहीं बढ़ने देंगे: रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा है कि यह कहना बेतुका है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ऐसा कोई कमजोर समझौता करेंगे जिससे ईरान की परमाणु ताकत और बढ़ जाए। भारत यात्रा पर आए रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि ट्रम्प की यह प्रतिबद्धता किसी को भी नहीं भूलनी चाहिए कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, यह सोचना कि राष्ट्रपति ट्रम्प, जिन्होंने पहले ही दिखा दिया है कि वह क्या कदम उठा सकते हैं, ऐसा कोई समझौता करेंगे जिससे ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा मजबूत हो जाए, पूरी तरह बेतुकी बात है।









