ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड पर किया हमला
दुबई, एजेंसी
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के अर्धसैनिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष और बढ़ गया है। ये हमले जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में किए गए हैं। एक सप्ताह से जारी अभियान के तहत ये हमले किए गए हैं, जिसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष से हुई थी। इस दौरान ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए हैं।
अमेरिका ने ईरान में पुलों, बिजली सुविधाओं और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में तेहरान ने कुवैत में बिजली संयंत्रों और पानी को साफ करने वाले संयंत्रों (डिसैलिनेशन प्लांट) पर हमले किए हैं, जिससे कुवैत में दैनिक जनजीवन प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। ईरान ने हमले तेज करने की धमकी भी दी है, जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने चेतावनी जारी की है। कुवैत और बहरीन ने रविवार सुबह फिर से अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। उन्होंने ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका जताई है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने अपने बयान में कहा कि उसने ईरानी हवाई रक्षा ठिकानों, समुद्री क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया है। कमान ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नियंत्रण क्षमता को कम करना और ‘इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर’ (आईआरजीसी) को जल्दी सजा देना था।











