खेल प्रतिनिधि
टोक्यो। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने रविवार को यहां जापान ओपन में शानदार आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय प्रबल दावेदार अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहली बार सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता। जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी 31 साल की सिंधु ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया और लगभग दो साल में अपना पहला खिताब जीता। सिंधु ने मैच के बाद कहा, “मैं बहुत खुश हूं, मेरे पास शब्द नहीं हैं क्योंकि पिछली जीत के बाद से 19 महीने बीत चुके थे।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह जीत मेरे लिए बहुत अहम थी क्योंकि फाइनल में खेलना या वहां तक पहुंचना एक बात है लेकिन जीतना और पोडियम पर खड़े होकर स्वर्ण पदक पाना बिल्कुल अलग बात है।” सिंधु ने कहा, “मैं खुश हूं कि मैं सकारात्मक स्थिति में हूं और मुझे लगता है कि इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं अपने कोच, माता-पिता, सहयोगी स्टाफ और निश्चित रूप से अपने पति की बहुत आभारी हूं।” सिंधु ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में जीता था। जापान ओपन की यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत है। यामागुची छठी बार जापान ओपन के फाइनल में खेल रही थीं जबकि सिंधु ने पिछले चार साल में किसी पूर्ण मैच में जापान की इस खिलाड़ी को नहीं हराया था।
इस साल की शुरुआत में मलेशिया ओपन में सिंधु ने यामागुची के पहले गेम के बाद हटने पर जीत दर्ज की थी। सिंधु ने किसी पूर्ण मैच में यामागुची के खिलाफ पिछली जीत 2022 में थाईलैंड ओपन में हासिल की थी। रविवार को भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने खेल को शानदार ढंग से नियंत्रित किया और सिर्फ ताकत की जगह रणनीतिक खेल दिखाया। जब भी यामागुची ने वापसी की कोशिश की तो सिंधु ने इसका कड़ा जवाब दिया। मुकाबले में जबरदस्त स्मैश के साथ-साथ सिंधु का नेट पर सटीक खेल भी निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने बार-बार शटल को नेट के करीब रखा जिससे यामागुची को शटल को ऊपर उठाने पर मजबूर होना पड़ा और उन्हें अपने पसंदीदा क्रॉस कोर्ट और बॉडी स्मैश लगाने के मौके मिले।
सिंधु ने शुरुआत में 3-0 की बढ़त बनाई लेकिन भारतीय खिलाड़ी की सहज गलतियों से यामागुची ने स्कोर 3-3 कर दिया। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों ने गलतियां कीं लेकिन फिर सिंधु ने नेट पर शानदार खेल दिखाकर 9-6 की बढ़त बना ली। भारतीय खिलाड़ी की लगातार गलतियों से यामागुची को वापसी का मौका मिल गया और उन्होंने बॉडी स्मैश से स्कोर 9-9 कर दिया। यामागुची ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बनाने में सफल रही। ब्रेक के बाद सिंधु ने 36 शॉट की जबरदस्त रैली जीतकर स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। एक जोरदार क्रॉस कोर्ट स्मैश से वह 13-12 से आगे हो गई और फिर स्कोर 16-12 किया।
जब स्कोर 17-15 था तब दोनों खिलाड़ियों के बीच 38 शॉट की शानदार रैली हुई जिसमें यामागुची ने बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया। इसके बाद सिंधु ने जापानी खिलाड़ी को बराबरी करने का मौका दे दिया। सिंधु ने क्रॉस कोर्ट स्मैश और यामागुची की गलती से स्कोर 19-17 किया। फिर यामागुची का शॉट नेट में उलझ गया जिससे सिंधु को तीन गेम प्वाइंट मिले और फिर भारतीय खिलाड़ी ने कोने में सटीक शॉट खेलकर गेम जीत लिया। सिंधु ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बनाए रखी। 44 शॉट की एक और थका देने वाली रैली तब खत्म हुई जब यामागुची का शॉट बाहर चला गया। सिंधु ने लगातार छह अंक के साथ 8-3 की बढ़त बनाई। यामागुची वापसी करते हुए स्कोर 7-8 कर दिया लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने ब्रेक तक 11-7 की बढ़त बना ली।
सिंधु ने अपनी बढ़त को 14-7 किया लेकिन जापान की खिलाड़ी ने एक बेहतरीन नेट शॉट, डीप फोर्ट पुश और भारतीय खिलाड़ी की कुछ गलतियों की मदद से अंतर को 12-14 कर दिया। नेट पर एक गलती ने यामागुची की लय तोड़ दी। दो जोरदार स्मैश से सिंधु ने स्कोर 17-14 किया और फिर 19-17 तक पहुंचाया। जापान की खिलाड़ी ने इसके बाद एक रिटर्न बाहर मारा और नेट पर गलती करके सिंधु को तीन चैंपियनशिप अंक दे दिए।













