शहर एक घंटे तक चली बारिश में जलमग्न, सड़कों पर भरा एक फुट पानी, लोगों के घरों में घुसा गटर का पानी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। मंगलवार सुबह 11 बजे से झमाझम बारिश शुरू होने से जहां नागरिकों ने राहत की सांस ली वहीं धुआंधार बारिश ने मनपा की पोल खोल कर रख दी। नरेंद्र नगर पुलिया के नीच कार पानी में डूब गई तो उत्तर नागपुर की दत्तावाड़ी पुलिया में भी जल जमाव हो गया। जिससे कामठी की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक काफी देर तक बाधित रहा। स्कूली बसें घंटों तक जाम में फंसी रही। उधर वर्धा रोड स्थित सोमलवार खामला और सोमलवार निकालस स्कूल परिसर में भी जलजमाव के कारण स्थिति खराब हो गई। सोमलवार निकालस स्कूल में जलजमाव के कारण प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के करीब 2,600 विद्यार्थी, 84 शिक्षक तथा 35 अन्य कर्मचारी फंस गए थे। यही स्थिति सोमलवार खामला स्कूल में भी बन गई। इस स्कूल में भी 600 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और अन्य कर्मचारी फंस गए थे। मंगलवार सुबह 11 बजे से शहर में हल्की बारिश शुरू हुई। फिर दोपहर करीब 12:30 बजे भारी बारिश ने शहर को बुरी तरह प्रभावित किया। शहर में लगातार दो घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण सोमलवाड़ा, स्वावलंबीनगर, त्रिमूर्तिनगर, नरेंद्रनगर, मानेवाड़ा रोड, वर्धा रोड, छत्रपति चौक, मेडिकल चौक, इंदोरा चौक, प्रताप नगर चौक, पडोले चौक, शंकरनगर समेत शहर की सभी सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। पहली मूसलाधार बारिश ने आपदा प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी। लाखों खर्च के बाद भी मुख्य मार्ग सहित गलियों में नालों का पानी सड़कों पर जमा हो गया। पानी की निकासी नहीं होने से सड़कों पर तालाब बन गए, जिसमें से ही राहगीरों को होकर गुजरना पड़ा।
छात्र स्कूल में फंसे, रस्सी के सहारे निकाला बाहर
दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई भारी बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर 3 बजे तक शहर की सभी सड़कों पर एक से दो फुट तक पानी भर गया था, जिससे लोग फंस गए। नतीजतन, एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो गया। स्कूलों के मैदान झीलों में तब्दील हो गए हैं और सैकड़ों छात्र स्कूलों में फंस गए। खामला स्थित सोमलवार निकालस स्कूल के पास पानी कमर तक आ गया। मानसून के आगमन के साथ ही स्कूल के सामने वाली सड़क पर काम शुरू था। इसी वजह से फिलहाल स्कूल के सामने एक बड़ा गड्ढा बन गया है। वहां सोमलवार निकालस और सोमलवार खामला नाम के दो स्कूल हैं। दोनों स्कूलों के छात्र और शिक्षक इस तरफ सड़क पर फंस गए हैं। कुछ छात्र स्कूल के अंदर ही फंसे हुए थे। अभिभावकों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे भी अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही मनपा के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और कर्मचारियों ने रस्सियों की सहायता से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद आयुक्त इटनकर, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
मूसलाधार बारिश के बीच जेसीबी की मदद से स्कूली बच्चों को बचाया
भारी बारिश के कारण नरेंद्र नगर इलाके में भीषण जलभराव हो गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और निवासियों के लिए खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गई। बचाव अभियान में, बाढ़ जैसी स्थिति में फंसे स्कूली बच्चों को जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित निकाला गया। गोरेवाड़ा रिंग रोड पर स्थित पलोटी स्कूल के बाहर भीषण जलभराव हो गया, जिससे अपने बच्चों को लेने आए अभिभावकों के कई वाहन आंशिक रूप से डूब गए।
दो घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश
शहर में दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने दोपहर 2:30 बजे तक 108.1 मिमी बारिश दर्ज की है। सड़कों के किनारे बनी बड़ी नालियों के बावजूद, पानी के बहाव के लिए बने छेद ओवरफ्लो हो गए, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया। इस बारिश से मनीषनगर, नरेंद्रनगर, लोखंडी ब्रिज आरबी (RUB) में पानी जमा हो गया। उत्तरी नागपुर के आशीनगर जोन में जलकुंभ के पास महेंद्रनगर जाने वाली सड़क पर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। वार्ड 6 में यशोदीप कॉलोनी और महेंद्रनगर की सड़कें पानी में डूबती हुई दिखाई दीं। इसके चलते इस क्षेत्र के हजारों नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दशकों पुरानी समस्या फिर भी हल नहीं
शहर में पानी भरने की समस्या नई नहीं है। दशकों से शहर के विभिन्न इलाकों में जल भराव की समस्या खड़ी हो जाती है लेकिन ना तो मनपा अब तक इस समस्या का कोई हल कर पाई है। जनप्रतिनिधि और अफसर इस समस्या से समाधान दिलाने के प्रयास कर रहे हैं। मनीष नगर, मानेवाड़ा, नरेंद्रनगर, पेंशन नगर, गिट्टीखदान अनंत नगर, पुलिस लाइन टाकली, पलोटी नगर, सूरज नगर, प्रताप नगर, महेश नगर, स्वागत नगर यहां काफी सालों से बारिश का पानी भरता रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश के साथ-साथ नाले का गंदा पानी घरों में भर जाता है। कलमना में घुटनों तक पानी भर जाता है। इसके अलावा शहर में अन्य इलाके भी ऐसे हैं जहां बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है लेकिन इसका इलाज आज तक नहीं हो सका है।
दक्षिण-पश्चिम में भारी जलभराव से जनजीवन ठप्प
भारी बारिश के बाद दक्षिण-पश्चिम नागपुर के बड़े हिस्से में भीषण जलभराव देखा गया। जयताला, स्वावलंबी नगर, खामला, प्रताप नगर, वेंकटेश नगर, नरेंद्र नगर और मनीष नगर सहित कई इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया और रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। यात्रियों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा, जबकि पैदल चलने वालों को
जलमग्न सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। आरोप है कि सड़क निर्माण का अधूरापन, जल निकासी व्यवस्था की खराब योजना और नागरिक कार्यों में देरी के कारण बारिश के पानी का सुचारू प्रवाह बाधित हुआ, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी।
सोमलवाड़ा, नरेंद्र नगर और मनीष नगर अंडरपास पूरी बंद
बारिश के रौद्र रूप का सबसे ज्यादा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। भारी बारिश के चलते सोमलवाड़ा रेलवे अंडरपास में कई
फीट पानी भर गया, जिसके कारण सुरक्षा के लिहाज से इस मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा नरेंद्र नगर अंडरब्रिज और मनीष नगर अंडरब्रिज में भी लबालब पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। सड़कों पर जलभराव के कारण जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है और लोग घंटों फंसे रहे। कलमना परभाग 4 की वंजरा बस्ती (अजनी माजरी) के रेलवे अंडरब्रिज में बारिश के दौरान पानी भर गया।
कई जगहों पर फंसे नागरिक, बचाया
शहर में हुई भारी बारिश के कारण नागरिक कई जगहों पर फंस गए थे। समयसूचकता दिखाते हुए मनपा के आपातकालीन विभाग ने रस्सी के सहारे से नागरिको को बचाया। अंबाझरी जैव विविधता पार्क में फंसे नागरिकों को राज्य आपदा बल की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। मंगलवार दोपहर को हुई भारी बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव हो गया। सूचना मिलते ही नगर निगम के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने तुरंत कार्रवाई और कर्मचारियों ने रस्सियों की सहायता से नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नरेंद्र नगर अंडरपास में फिर से पानी भरा, थार एसयूवी फंसी
मनपा द्वारा मानसून में नरेंद्र नगर पुलिया को जलभराव से मुक्त रखने के आश्वासन के बावजूद, मंगलवार की बारिश के बाद नरेंद्र नगर रेलवे अंडरपास एक बार फिर जलमग्न हो गया। अंडरपास में पानी भर जाने से एक महिंद्रा थार गाड़ी पानी में फंस गई, जिससे यातायात बाधित हो गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नागपुर का बहुचर्चित नरेंद्र नगर अंडरपास भारी बारिश के बाद एक बार फिर जलमग्न हो गया, जबकि यह दावा किया जा रहा था कि नवस्थापित पंप प्रणाली इस मानसून में जलभराव को रोक देगी। एक महिंद्रा थार एसयूवी जलमग्न अंडरपास में फंस गई, जिससे इस नागरिक समाधान की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
नरेंद्र नगर अंडरपास में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने करीब 9 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस योजना के तहत हाई-कैपेसिटी पंप, नई ड्रेनेज सिस्टम और बड़े स्टॉर्म वॉटर टैंक (संप) का निर्माण किया जाना था, ताकि बारिश के दौरान पानी जल्दी निकाला जा सके। यह समस्या पिछले एक दशक से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी, जिससे यातायात बाधित होता था। काम जारी होने के कारण अंडरपास का एक हिस्सा बंद भी किया गया था। जून मध्य तक काम पूरा होने की उम्मीद पर पानी फिरने के बाद जुलाई के अंत तक या कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
नागपुर-विदर्भ में अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
नागपुर शहर, ग्रामीण, हिंगना और कामठी तहसील के सभी स्कूलों को आज छुट्टी भारतीय मौसम विभाग ने विदर्भ में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही कई स्थानों पर गरज, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए 29 जुलाई को नागपुर शहर, ग्रामीण, हिंगना और कामठी तहसील के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील भी की है।
विदर्भ के लिए चेतावनी
30 जुलाई को मौसम विभाग ने नागपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और प्रशासन ने ग्राम स्तर पर एहतियाती निर्देश जारी किए हैं। पिछले 24 घंटों में विदर्भ में सबसे अधिक 139 मिमी बारिश भंडारा जिले के साकोली में दर्ज की गई। गोंदिया जिले के सड़क अर्जुनी में 103.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इन दोनों स्थानों पर भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, 29 जुलाई को नागपुर, भंडारा और वर्धा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंद्रपुर, गढ़चिरोली और गोंदिया जिलों के लिए रेड अलर्ट और अकोला, अमरावती, बुलढाणा और वाशिम जिलों (यवतमाल सहित) के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 30 जुलाई को चंद्रपुर जिले के लिए रेड अलर्ट और भंडारा, गढ़चिरोली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा और अमरावती जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अकोला, बुलढाणा, वाशिम और यवतमाल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 31 जुलाई को अकोला, अमरावती, वर्धा और यवतमाल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
नागरिकों के लिए निर्देश
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान खुले में न रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें, नदियों, नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने सभी तहसील मजिस्ट्रेटों को आवश्यक एहतियात बरतने का आदेश दिया है।












