लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा है कि संसद में जो बात मैं नहीं बोल पाया उसे यहां बोल रहा हूं। लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता। मैंने कई बार अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया ताकि मैं बोल सकूं। कई बार किरेन रिजिजू, राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं को बोलने दिया गया, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। बहाना यह दिया गया कि मैंने अमित शाह के बारे में कुछ कहा था। मैंने कहा था कि अमित शाह उस बर्बरता के लिए जिम्मेदार थे जो हुई थी। मुझे यह आश्वासन भी दिया गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता हुई। पैलेट गन चली, इसके लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हमले को लेकर मैंने गृहमंत्री को चिट्ठी लिखी।
एक घायल छात्र से तो मैंने खुद मुलाकात की। लाठी में कील गाड़कर छात्रों को मारा गया। आज उसी मुद्दे को मैंने संसद में उठाया तो मुझे वहां बोलने नहीं दिया गया। मेरे लिए बोलने का जो प्लेटफॉर्म है वो लोकसभा है, लेकिन वहां मुझे बोलने ही नहीं दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने संसद में कहा कि छात्रों के साथ जो हुआ है उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। बिना गृह मंत्रालय के आदेश के किसी भी पैलेट गन नहीं चलाई जाती है। हम भी सरकार में रहे हैं, हमको सब पता है। मैंने संसद में पूछा कि या तो गृहमंत्री की ओर से आदेश दिया गया होगा या फिर उन्हें इसकी जानकारी नहीं होगी। दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है। दिल्ली में हिंसा किसी तीसरी पार्टी ने नहीं की है। दिल्ली पुलिस और आरएएफ दोनों ही गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करती है। मैंने इसी मुद्दे को संसद में उठा रहा था तो मुझे बोलने से रोक दिया गया। संसद में बोलना मेरा हक है। जो छात्र पीछे हट गए हैं, उन्हें हम इंसाफ दिलवाएंगे। सरकार को हमारी सलाह है कि आप गृह मंत्रालय में बदलाव करिए और ये जांच करिए कि पैलेट गन का इस्तेमाल किसके आदेश से हुआ।
देश को भ्रमित कर रहे राहुल : संबित पात्रा
लोकसभा में बुधवार को नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर जमकर सियासी घमासान हुआ। राहुल गांधी ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कई गंभीर आरोप लगाए। भाजपा ने पहले संसद फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल के तमाम आरोपों खारिज किया। भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिलसिलेवार तरीके से राहुल गांधी के तमाम आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि छात्रों को ‘स्टूडेंट, इडियट्स और अंधभक्त’ जैसी श्रेणियों में बांटना अक्षम्य है। उन्होंने छात्रों पर गोली चलने के राहुल गांधी के दावे को भी पूरी तरह झूठा बताया। संबित पात्रा ने कहा, देश को भ्रमित करने के लिए राहुल गांधी सदन में झूठ का पुलिंदा लेकर आए थे। राहुल गांधी के पास कोई तथ्य नहीं था। कांग्रेस सांसद ने छात्रों पर गोली चलाने का दावा किया, लेकिन उन्होंने यह झूठ बोला। भाजपा की ओर से पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा जाता है कि संसद मार्च पर गोली नहीं चलाई गई थी। भाजपा सांसद ने कहा, राहुल गांधी ने अमित शाह के नाम पर झूठ बोला। जब गोली चली ही नहीं तो आदेश किसने दिया? पात्रा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 वाहन होते हैं। यह पूरी तरह झूठ है। अमित शाह ऐसे नेता हैं जिनसे नक्सली तक डरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने दिन-रात मेहनत कर देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में काम किया।













