आफत : सड़कें जलमग्न, कई मार्ग बंद, किसानों को मिली राहत
लोकवाहिनी, संवाददाता
अकोला। विदर्भ के अकोला और वाशिम जिलों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, कई सड़कों का संपर्क टूट गया है और पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात बाधित हो गया है। हालांकि, यह बारिश खरीफ फसलों और सिंचाई परियोजनाओं के लिए राहत लेकर आई है। अकोला जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान मूर्तिजापुर तहसील को छोड़कर सभी क्षेत्रों में औसतन अतिवृष्टि दर्ज की गई। लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया, कई स्थानों पर नालों का पानी सड़कों पर आ गया और कुछ घरों में भी पानी घुस गया। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात भी प्रभावित हुआ।
बारिश के चलते जिले में लंबे समय से बनी वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 74.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 102.3 मिमी बारिश पातुर तहसील में हुई, जबकि सबसे कम 61.3 मिमी वर्षा मूर्तिजापुर में दर्ज की गई। इसके अलावा अकोला में 67.8 मिमी, अकोट में 72.3 मिमी, तेलहारा में 72.2 मिमी, बालापुर में 83.4 मिमी तथा बार्शीटाकली में 78.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है और नदियां-नाले लबालब भरकर बह रहे हैं। वहीं, वाशिम जिले में भी बारिश ने व्यापक असर डाला है। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 110.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 161.5 मिमी बारिश मालेगांव तहसील में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा वाशिम में 121.1 मिमी, मानोरा में 116.3 मिमी, रिसोड में 96.4 मिमी तथा मंगrulपीर में 86.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
भारी बारिश के कारण वाशिम जिले में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वैनगंगा नदी का पानी कोकलगांव-सूरजखेड़ा पुल के ऊपर से बहने के कारण इस मार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया है। वहीं, बोरव्हा-रोहणा मार्ग पर नाले का पुल बह गया है। इसके अलावा जायखेड़ मार्ग, पारडी-आसेगांव मार्ग, खड़की ढोंगरे-रिठद तथा गोहणी-करड़ा सहित कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनती नदियों और पुलों से गुजरने का जोखिम न उठाएं तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
वर्धा में कई सड़कें बंद, 43 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज
वर्धा। करीब 20 दिनों तक बारिश का इंतजार करने के बाद वर्धा जिले में हुई मूसलाधार वर्षा ने ग्रामीण जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ग्रामीण इलाकों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, कई मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में गंगापुर नाले सहित कई नदी-नालों में उफान आने से अनेक प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। आंजी-अडोरी, वर्धा-रालेगांव, आलोडा-बीरगांव, भोजनखेड़ा-तलेगांव, देवली-पुलगाव, वायगाव-हस्तनपुर, रायपुर-अंदोरी, आलमडोह-अलीपुर, वायगाव-रालेगांव तथा पुलगांव-बोडड मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित है। रोठा क्षेत्र में नहर टूटने से पुल पानी में डूब गया, जबकि रायपुर-अंदोरी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यशोदा नदी के दो पुल भी पानी में डूब गए हैं। 31 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण जिले के 55 राजस्व मंडलों में से 43 मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई। जुलाई महीने में जिले में सामान्य से 109.6 प्रतिशत यानी 299.8 मिमी रिकॉर्ड की गई।
तहसीलवार वर्षा में वर्धा और देवली में 119.2 मिमी, सेलू में 109.9 मिमी, समुद्रपुर में 103 मिमी, आर्वी में 84.8 मिमी, हिंगणघाट में 76.1 मिमी तथा कारंजा में 46.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से प्रमुख बांधों और जलाशयों में जलस्तर बढ़ा है। निम्न वर्धा परियोजना में 74.58 प्रतिशत, बोर परियोजना में 66.62 प्रतिशत तथा पोथरा परियोजना में 61.10 प्रतिशत उपयोगी जल भंडारण दर्ज किया गया है। हालांकि धाम, वर्णा और वर्धा नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है। अतिवृष्टि के कारण जिले में 286 घरों और 10 गोठों (पशुशालाओं) को आंशिक या पूर्ण नुकसान पहुंचा है, जबकि 27 घरों में पानी घुस गया। सबसे अधिक 151 घरों को नुकसान सेलू तहसील में हुआ है। देवली तहसील में 5 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि वर्धा और सेलू तहसीलों में एक-एक पशु की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 31 जुलाई के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि अगले तीन दिनों (1 से 3 अगस्त) के दौरान मौसम में सुधार की संभावना जताते हुए ग्रीन अलर्ट रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों और बंद मार्गों पर जाने से बचने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।












