विभाग को अतिरिक्त जवाब दाखिल करने के निर्देश
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। ध्वनि प्रदूषण और डीजे के बढ़ते इस्तेमाल के मामले में मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने संबंधित विभाग को अतिरिक्त प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट तुषार मंडलेकर ने अदालत के संज्ञान में लाया कि नागरिकों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि नागपुर शहर में विभिन्न समारोहों और उत्सवों के दौरान बड़े पैमाने पर डीजे का इस्तेमाल हो रहा है। सुनवाई के दौरान नागपुर शहर यातायात पुलिस के उपायुक्त ने अदालत में प्रतिज्ञापत्र प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि पिछले एक महीने में डीजे या ध्वनि प्रदूषण से जुड़ा एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। एडवोकेट मंडलेकर ने बताया कि शिकायतों के लिए ‘नागपुर नॉइज फ्री’ पोर्टल शुरू किया गया है। याचिकाकर्ता ने 6 सितंबर को इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने महेश बेडेकर मामले का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों का विभिन्न विभागों द्वारा पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ नागपुर खंडपीठ में फिलहाल चार याचिकाएं लंबित हैं। गणेशोत्सव, दहीहंडी जैसे आयोजनों में डीजे की तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। दहीहंडी के दौरान करीब 100 डेसीबल तक ध्वनि दर्ज होने का दावा किया गया है। पुलिस द्वारा मंडल पदाधिकारियों को जागरूक करने के प्रयास प्रभावी नहीं दिख रहे। अब सबकी नजरें 11 सितंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब विभाग को अपना जवाब अदालत में पेश करना होगा।











