पहले प्रधानमंत्री मोदी अपनी डिग्री सार्वजनिक करें : दीपके
लोकवाहिनी, संवाददाता
छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अमेरिका में अपनी पढ़ाई से जुड़े छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं। दीपके की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उनके पिता, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, द्वारा बेटे को अमेरिका पढ़ने भेजने के लिए धन की व्यवस्था की जांच की मांग की है। दीपके ने यहां संवाददाताओं से कहा, मैं अपनी छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हूं। क्या प्रधानमंत्री मोदी अपनी डिग्री दिखाएंगे? उन्होंने कहा कि उन्होंने बोस्टन विश्वविद्यालय से मिली छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की मदद से अमेरिका में पढ़ाई की। वह बोस्टन विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से जनसंपर्क (पब्लिक रिलेशंस) में स्नातकोत्तर हैं और जून में भारत लौटे हैं।
दीपके ने कहा, मुझे अपनी पढ़ाई के लिए बोस्टन विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली है। मैंने वहां अपनी पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण भी लिया था। इसे चुकाना है। कोई भी इसकी जांच कर सकता है। दीपके ने कहा, मैं अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण के दस्तावेज और डिग्री दिखाने को तैयार हूं। प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करें। यदि वह ऐसा करते हैं तो मैं भी अपने सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर दूंगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसके पीछे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को लगा दिया जाता है। दीपके ने कहा, वे मेरे घर जांच के लिए आएं, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं अपने दस्तावेज दिखाने को तैयार हूं, लेकिन यदि प्रधानमंत्री ईडी भेज रहे हैं तो उन्हें अपनी डिग्री भी सार्वजनिक करनी चाहिए। मेरी डिग्री असली है और मुझे उम्मीद है कि उनकी डिग्री भी असली होगी। इस सवाल पर कि क्या कॉजपा एक राजनीतिक पार्टी बनेगी, दीपके ने कहा, मुझे लगता है कि मीडिया मौजूदा राजनीतिक पार्टियों से निराश है। अभी हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है (राजनीतिक पार्टी बनाने का) और हम इसे अभी एक जन-आंदोलन के तौर पर ही बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, जब वोट ही चोरी हो जाते हैं, तो राजनीतिक पार्टी बनाकर हम क्या करेंगे? लोगों का राजनीति से भरोसा उठ रहा है क्योंकि वे सुबह किसी और को वोट देते हैं और शाम तक किसी और की सरकार बन जाती है।
कोटा नहीं, सीटें बढ़ाएं; फीस पर लगे लगाम
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राय साफ की है। उन्होंने कहा कि अगर देश के किसी गरीब या वंचित बच्चे को शिक्षा मिल रही है, तो इसमें गलत क्या है? हमारा मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक शिक्षा पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भी आरक्षण की बात आती है, तो लोग यह कहते हैं कि सीटें कम हो गई? लोगों को सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर शिक्षण संस्थानों में सीटें क्यों नहीं बढ़ाई जा रही हैं? दीपके ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वैसा विरोध मैनेजमेंट कोटा के खिलाफ क्यों नहीं दिखाई देता? देश में शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर दीपके ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में आम नागरिक के लिए पढ़ाई बेहद महंगी और पहुंच से बाहर हो चुकी है। सरकार को इसे सस्ता और हर किसी के लिए सुलभ बनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर तुरंत एक सीमा (कैप) तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार करने की जरूरत पर बल दिया।
दीपके ने कहा, सांसद और विधायक एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। जब ईडी और सीबीआई भेजकर पार्टियां तोड़ दी जाती हैं, तो राजनीतिक पार्टी बनाने का क्या फायदा है? बांग्लादेश की निर्वाचित लेखिका तसलीमा नसरीन की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने एक साक्षात्कार में कहा, बांग्लादेश और नेपाल के आंदोलनों का इस्तेमाल हमें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। हम उनसे अलग हैं। तसलीमा ने दिल्ली में कॉजपा के नेतृत्व में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलन और वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए उस छात्र आंदोलन के बीच रविवार को समानता बताई थी, जिसके बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। उन्होंने कहा था कि ढाका के छात्र आंदोलन ने ‘हमें मूर्ख’ बनाया।











