नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई का आरोप-पत्र दाखिल
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोप-पत्र में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के तीन विषय विशेषज्ञों- पी.वी. कुलकर्णी (रसायन विज्ञान), मनीषा गुरुनाथ मांधरे (प्राणी विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) और मनीषा संजय हवलदार (भौतिकी) को मुख्य आरोपी बताया गया है। सीबीआई ने हाल में उस विशेष त्वरित अदालत के समक्ष आरोप-पत्र दाखिल किया है, जो प्रश्नपत्र लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रही है। आरोप-पत्र में कहा गया है, जांच में सामने आया है कि इन तीनों विशेषज्ञों को अनुवाद के दौरान लिखने के काम के लिए गोपनीय कक्ष के अंदर सादे कागज उपलब्ध कराए गए थे।
आरोप-पत्र के अनुसार, आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने इन कागजों का इस्तेमाल कर छोटी पर्चियों पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों और उनके उत्तर विकल्पों को संक्षेप में लिखा और उन्हें छिपाकर बाहर ले गया। कुलकर्णी को प्रश्नपत्र लीक का कथित मुख्य साज़िशकर्ता बताया गया है। आरोप-पत्र में कहा गया है कि एनटीए के गोपनीय कक्ष में प्रवेश या बाहर निकलने के दौरान विशेषज्ञों की कोई जांच नहीं हुई या तलाशी नहीं ली गई। इसमें कहा गया है कि कुलकर्णी ने आसान प्रश्नों को याद कर लिया था और होटल लौटने के बाद उन्हें लिख लिया। आरोप-पत्र में कहा गया है, वनस्पति विज्ञान के लिए एनटीए की अंग्रेजी से मराठी अनुवादक और प्राणी विज्ञान के लिए अनुवादक मनीषा मांधरे, दिन का काम पूरा करने और होटल के कमरे में लौटने के बाद एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में संबंधित जरूरी पैराग्राफ को मार्क करती थीं। आरोप-पत्र में कहा गया है, एक ही तरह की सामग्री के साथ दशकों के अनुभव के कारण वह आसानी से प्रश्नों को एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक की सामग्री से जोड़ने में सक्षम थीं। इसमें कहा गया है कि भौतिकी के अनुवाद की जिम्मेदारी संभालने वाली मनीषा संजय हवलदार दिन का काम पूरा करने के बाद दिल्ली में अपने ठहरने के स्थान पर लौटकर प्रश्नों को संक्षेप में लिख लिया करती थीं।













