डागा अस्पताल से चोरी हुई बच्ची की कुछ घंटों में सकुशल बरामदगी, महिला हिरासत में
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। डागा स्मृति शासकीय महिला अस्पताल से चोरी हुई नवजात बच्ची को पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है। बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली, वहीं अस्पताल प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गोलीबार चौक निवासी प्रभा शक्ति पाठराबे ने 20 अगस्त को एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसूति के बाद उनकी मां मीना खलतकर और अन्य परिजन अस्पताल में मौजूद थे। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एक बुर्का पहने महिला नवजात के पास पहुंची और परिजनों से कहा कि बच्ची को टीका लगवाने के लिए ले जाना होगा। उसने सरकारी योजना के तहत फॉर्म भरने, किट और आर्थिक सहायता मिलने का झांसा देकर परिवार का विश्वास जीत लिया।
महिला बच्ची को लेकर चली गई और काफी देर तक वापस नहीं लौटी। जब परिजनों ने डॉक्टरों से संपर्क किया तो पता चला कि ऐसी कोई प्रक्रिया अस्पताल में नहीं चल रही है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत तहसील पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और महिला की पहचान कर उसका पीछा किया। जांच के दौरान महिला के यशोधरानगर स्थित टीपू सुल्तान चौक क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। तहसील और यशोधरानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसके घर पर छापा मारकर आरोपी महिला आशियाना अंजुम सैयद अल्ताफ (29) को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके भाई मोहम्मद शोएब (40) को भी पूछताछ के लिए अपने कब्जे में लिया है। पुलिस ने नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया। आरोपी महिला की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
तीन दिन पहले हुई थी बेटी की मौत
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी महिला की बेटी की तीन दिन पहले मृत्यु हो गई थी। पूछताछ के दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इसी कारण उसने नवजात को अस्पताल से ले जाने की योजना तो नहीं बनाई थी। फिलहाल पुलिस घटना के पीछे के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है।











