नागपुर। गोधनी नगर पंचायत के अंतर्गत फागुजी नगर स्थित जल शोधन संयंत्र (संप और पंप हाउस) में रखे रिजर्व क्लोरीन सिलेंडर से आधी रात 12:30 बजे अचानक क्लोरीन गैस के रिसाव से इलाके में दहशत फैल गई। संयंत्र के आसपास घनी बस्तियां होने के कारण जहरीली गैस घरों में घुस गई। कई नागरिकों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वे अपने घरों से बाहर भागने लगे। इस घटना में अब तक 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 13 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। एक बच्चे समेत तीन मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। फागुजी नगर स्थित इस संयंत्र में क्लोरीन गैस के दो सिलेंडर रखे हुए थे। इनमें से एक उपयोग में था, जबकि दूसरा आरक्षित रखा गया था। रात करीब 12:30 बजे इस आरक्षित सिलेंडर से गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही समय में, तीखी गंध वाली क्लोरीन गैस पूरे इलाके में फैल गई और आसपास की कॉलोनियों के नागरिकों को इससे असुविधा होने लगी। गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए 56 नागरिकों को नागपुर के गोधनी रोड स्थित मैक्स अस्पताल, मेयो अस्पताल और स्पर्श अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इनमें से 13 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। 4 मरीजों की हालत गंभीर है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। इनमें एक बच्चा भी शामिल है।
200 मीटर का दायरा नो-मैन्स-लैंड घोषित
इलाके के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और करीब 200 मीटर के पूरे चौक क्षेत्र को खाली कराकर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। नागपुर अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर 200 मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और फिलहाल किसी को भी वहां प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
कोई भी कर्मचारी नहीं था मौजूद
दिलचस्प बात यह है कि गैस रिसाव के समय संयंत्र में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसलिए संयंत्र की सुरक्षा, रात में कर्मचारियों की उपस्थिति और क्लोरीन सिलेंदरों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह संयंत्र महाराष्ट्र जलजीवन प्राधिकरण द्वारा गोधनी शहर को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल शोधन प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए स्थापित किया गया था। इसका काम प्रगतिपथ पर है। गर्मी के मौसम में जल संकट के कारण गोधनी नगर पंचायत ने कुछ दिनों तक इस संयंत्र से पानी लिया था, लेकिन फिलहाल इस संयंत्र से पानी नहीं लिया जा रहा है।
मंडराया मौत का खतरा
रात के करीब 1 बजे थे। हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। चारों ओर अंधेरा और सन्नाटा छाया हुआ था। वातावरण में छाई धुंध के कारण नागरिक गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक, सोते समय कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। कुछ लोगों को मतली, सिरदर्द और बेचैनी महसूस होने लगी। घरों के बाहर हर जगह धुएं की मोटी परत छाई हुई थी। चूंकि घरों के अंदर रहना संभव नहीं था, इसलिए नागरिक अपने घरों से बाहर भागे। हालांकि, बाहर भी सांस लेना मुश्किल था। नागरिक अपनी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे।
पिछले 8 दिनों से हो रहा सिलेंडर से गैस का रिसाव
नागरिकों के आरोपों के अनुसार, सिलेंडर से पिछले 8 दिनों से गैस का रिसाव हो रहा था। हालांकि, इस पर ध्यान नहीं दिया गया। गैस का असर अचानक बढ़ने पर इलाके के लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और बेचैनी होने लगी। इसके बाद कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल छा गया।












