राम मंदिर अनियमितता मामले में ट्रस्ट ने 8 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
लोकवाहिनी, संवाददाता
अयोध्या। अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले में गुरुवार को पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई। वहीं अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा को गिरफ्त में लिया गया है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मुकदमा कृष्णमोहन की तहरीर पर दर्ज किया गया है। एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्टू यादव और मनीष यादव को नामजद किया गया है। इसमें ट्रस्टी अनिल मिश्रा के दो रिश्तेदार, चंपत के ड्राइवर टिन्टू समेत आठ नामजद व अन्य अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। हालांकि इस एफआईआर में चंपत राय का नाम नहीं है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की राशि के संग्रहण और जमा प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक पड़ताल में कुछ तथ्यों को चिन्हित किया था। जिसके आधार पर पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू की। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन, चढ़ावे के प्रबंधन और अन्य संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) गुरुवार को भी अयोध्या नहीं पहुंची।
■ सांसद संजय सिंह ने एसआईटी को सौंपे थे 11 दस्तावेज
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को एसआईटी से मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी 11 दस्तावेज सौंपे। दावा किया कि इन जमीनों की बिक्री व खरीदारी में करोड़ों रुपये का हेरफेर व घोटाला किया गया। एसआईटी ने अब दस्तावेजों की तस्दीक कर जांच शुरू की है। सांसद ने आरोप लगाया है कि मंदिर के लिए कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गई, जिससे चंदे की रकम को भारी नुकसान पहुंचाया गया। एसआईटी अध्यक्ष व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और सदस्य नील रतन से मिलकर संजय सिंह ने कहा है कि जिन लोगों के नाम हाल ही में मंदिर के चढ़ावे और दानपात्र में अनियमितताओं के मामले में सामने आए हैं।












